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धर्म-अध्यात्म
Gajkesari योग 2025: कल बनेगा शुभ योग, इन 3 राशियों का शुरू हो सकता है ‘स्वर्णिम काल
Harrison
11 Oct 2025 7:48 PM IST

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Religion Spirituality धर्म अध्यात्म : हिंदू ज्योतिषशास्त्र में गजकेसरी (Gajkesari) योग एक अत्यंत शुभ और शक्ति-वृद्धि कारक योग माना जाता है। कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा और बृहस्पपति (गुरु) की युति (साथ होना) हो जाए, तो उसे बड़े लाभ, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है। इस योग को राजयोगों में गिना जाता है।
अक्टूबर 2025 में विशेष संयोगों के तहत 12 अक्टूबर को मिथुन राशि में चंद्र–गुरु युति बनने जा रही है, जिससे इस वर्ष एक शक्तिशाली गजकेसरी योग बनना तय हो रहा है।
ज्योतिषविदों का कहना है कि यह योग लगभग 54 घंटे तक बना रहेगा और इस दौरान किया गया कार्य शुभ और सफल होने की संभावना अधिक मानी जाती है।
यह योग विशेष रूप से उन राशियों के लिए बहुत लाभदायक रहेगा, जिनकी कुंडली में गुरु और चंद्रमा की स्थिति मजबूत है।
कौन-कौन सी राशियाँ लाभ में?
मीडिया रिपोर्ट्स और ज्योतिष विश्लेषणों के अनुसार, इस गजकेसरी योग से 3 राशियों के लिए शुरुआती दिनों में “स्वर्णिम काल” की शुरुआत हो सकती है:
वृषभ (Taurus)
मिथुन राशि में गुरु पहले से विराजमान हैं और चंद्रमा जब उसी राशि में प्रवेश करता है, तो वृषभ राशि वालों को इस योग का प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है। उनके धन, प्रतिष्ठा और करियर में मजबूती आने की संभावना बढ़ जाती है।
मिथुन (Gemini)
क्योंकि चंद्रमा स्वयं मिथुन राशि में प्रवेश कर रहा है और गुरु पहले से ही इस राशि में स्थित है, मिथुन राशि वालों के लिए ये समय विशेष शुभ माना जा रहा है। पारिवारिक जीवन में समृद्धि, नए अवसर और आर्थिक लाभ की संभावनाएं हैं।
कन्या (Virgo)
कुछ ज्योतिषीय विश्लेषणों में यह कहा गया है कि गजकेसरी योग का लाभ कन्या राशि वालों को भी मिलेगा। नौकरी, सम्मान और लाभ संबंधित अवसरों में उछाल आने की बात कही गई है।
इन राशियों के जातकों को विशेष सतर्कता बरतने, सकारात्मक योजनाएँ बनाने और अपने कौशल को आगे बढ़ाने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह समय उनके लिए काफी अनुकूल साबित हो सकता है।
गजकेसरी योग: महत्व और प्रभाव
नाम, यश और प्रतिष्ठा: इस योग से व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है और उसका व्यक्तित्व अधिक प्रभावशाली बनता है।
धन-समृद्धि: रुका हुआ धन मिलने, निवेश उन्नति और आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ने की संभावना होती है।
करियर और सफलता: कार्यक्षेत्र में उन्नति, नए अवसर और तरक्की मिलने का योग बनता है।
मानसिक शांति व आत्मविश्वास: मन शांत, चिंता कम और आत्मविश्वास बढ़ने की प्रवृत्ति होती है।
हालाँकि, इस योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब गुरु और चंद्रमा की स्थिति दोषमुक्त हो — यानी उनकी दृष्टि अन्य नकारात्मक ग्रहों से बाधित न हो, न ही वह कमजोर हो।
ध्यान देने योग्य बातें
इस योग के दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है, लेकिन अति-उत्साह और अतिशयोक्ति से बचना चाहिए।
इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत (जैसे नई नौकरी, निवेश, प्रोजेक्ट) करना लाभदायक माना जाता है।
व्यक्तिगत कुंडली की मजबूत और दोषमुक्त स्थिति भी इस योग के परिणाम को प्रभावित करती है।
इस समय ध्यान, पूजा, मंत्र जाप आदि आध्यात्मिक गतिविधियों को महत्व देने से परिणाम और भी सकारात्मक हो सकते हैं।
12 अक्टूबर 2025 को मिथुन राशि में बनने जा रहा गजकेसरी योग इस वर्ष का एक सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग है। यह तीन राशियों — वृषभ, मिथुन और कन्या — को विशेष लाभ प्रदान कर सकता है। यदि आप इन राशियों में से हैं, तो इस दौरान किये गए कदम सोच-समझ कर उठाएं और योग के अनुकूल समय का अधिकतम उपयोग करें। भविष्य के लिए योजना बनाएं, लेकिन संयम और विवेक न छोड़ें — तभी यह शुभ योग पूरी तरह से फलीभूत होगा।
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