धर्म-अध्यात्म

Festivals: अगस्त में आने वाले सभी त्यौहारों की तिथियां और शुभ मुहूर्त नोट करें

Sarita
1 Aug 2025 8:53 AM IST
Festivals: अगस्त में आने वाले सभी त्यौहारों की तिथियां और शुभ मुहूर्त नोट करें
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Festivals: हिंदू पंचांग के अनुसार, अगस्त का महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस महीने कई प्रमुख त्यौहार, व्रत और पूजा-पर्व आते हैं जो न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष हैं, बल्कि इनसे जुड़ी परंपराएँ लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी जोड़ती हैं। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्यौहार अगस्त 2025 में मनाए जाएँगे।
अगस्त 2025 का महीना धर्म, परंपरा और भक्ति से परिपूर्ण होगा। यह महीना उन लोगों के लिए विशेष फलदायी होगा जिनकी पूजा-पाठ और व्रत में गहरी आस्था है। हर तिथि और मुहूर्त का ध्यानपूर्वक पालन करने से न केवल धार्मिक लाभ प्राप्त हो सकता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त हो सकती है। आइए जानते हैं कि इस महीने कौन-कौन से त्यौहार और व्रत पड़ने वाले हैं और उनके शुभ मुहूर्त क्या हैं।
अगस्त माह के व्रत, त्योहार:
पुत्रदा एकादशी व्रत मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को रखा जाएगा। यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है।
पूजा मुहूर्त: सुबह 6:10 से 8:20 बजे तक।
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत 6 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन शाम के समय भगवान शिव की पूजा की जाती है। व्रत करने से रोग, शोक और दरिद्रता का नाश होता है।
संध्या पूजा का समय शाम 6:45 से 8:15 बजे तक है।
वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और सौभाग्य के लिए रखती हैं। दक्षिण भारत में इसका विशेष महत्व है।
शुभ मुहूर्त - सुबह 7:05 से 9:00 बजे तक, पूरे दिन भी पूजा की जा सकती है।
रक्षाबंधन पर्व 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और रक्षा-सूत्र का संकल्प लेती हैं।
राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:15 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक।
12 अगस्त को दो त्यौहार मनाए जाएँगे - कजरी तीज और संकष्टी चतुर्थी। कजरी तीज विशेष रूप से उत्तर भारत की महिलाओं द्वारा मनाई जाती है, जबकि संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है।
कजरी तीज पूजन मुहूर्त - सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक
संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय पूजन - रात 8:45 बजे से 9:30 बजे के बीच
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन रात्रि में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
निशीथ काल पूजन मुहूर्त - रात 12:04 बजे (17 अगस्त) से रात 12:47 बजे तक।
अजा एकादशी व्रत 19 अगस्त, मंगलवार को रखा जाएगा। यह व्रत मोक्ष प्राप्ति के लिए किया जाता है और भगवान विष्णु को समर्पित है।
पूजन मुहूर्त - सुबह 6:10 से 8:15 बजे तक।
20 अगस्त को कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है और संध्याकालीन पूजन का विशेष महत्व है।
शुभ मुहूर्त - शाम 6:30 से 8:00 बजे तक।
मासिक शिवरात्रि 21 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पर्व प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है और रात्रि में शिव पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
रात्रि पूजन मुहूर्त - रात 11:45 से 12:30 बजे तक।
कुशग्रहणी अमावस्या 22 अगस्त को मनाई जाएगी। यह दिन श्राद्ध कर्म और दान के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन पितृ पक्ष में उपयोग होने वाले कुश को इकट्ठा करने की परंपरा है।
शुभ मुहूर्त (कुश संग्रह और दान) - सुबह 6:00 से 8:30 बजे तक।
हरतालिका तीज 26 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह व्रत अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाएं रखती हैं। इस दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और रात्रि में शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।
शुभ मुहूर्त - सुबह 5:55 से 8:15 बजे तक। रात्रि में भी पूजा की जा सकती है।
गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह उत्सव दस दिनों तक चलता है।
मूर्ति स्थापना का समय - सुबह 11:05 से दोपहर 1:40 बजे तक।
31 अगस्त को राधा अष्टमी का पर्व है, जिसे राधारानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भक्ति और प्रेम का प्रतीक है।
पूजन मुहूर्त सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक है।
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