धर्म-अध्यात्म

Ekadashi 2025 Kab Hai: अगस्त में कब पड़ेगी एकादशी, नोट कर लें एकादशी की सही तारीख

Sarita
29 July 2025 11:55 AM IST
Ekadashi 2025 Kab Hai: अगस्त में कब पड़ेगी एकादशी, नोट कर लें एकादशी की सही तारीख
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Ekadashi 2025 Kab Hai: एकादशी व्रत भगवान श्री हरि नारायण को समर्पित है। हर महीने में पड़ने वाली एकादशी का अपना अलग महत्व होता है। जानिए अगस्त महीने में कौन-कौन सी एकादशी पड़ती हैं और उनका क्या महत्व है।
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण और विशेष माना जाता है। साल में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, जिनमें हर महीने में 2 व्रत आते हैं। अगस्त महीना जल्द ही शुरू होने वाला है। जानिए अगस्त महीने में कब-कब पड़ेंगे एकादशी व्रत।
एकादशी व्रत भगवान श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित है। इस दिन व्रत का पारण विधि-विधान से किया जाता है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।
एकादशी व्रत भगवान श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित है। इस दिन व्रत का पारण विधि-विधान से किया जाता है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।
अगस्त 2025 महीने में दो एकादशी होंगी। पहली एकादशी व्रत 4 अगस्त को पड़ेगी। इस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पुत्रदा एकादशी सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस एकादशी का व्रत 5 अगस्त को रखा जाएगा।
अगस्त 2025 माह में दो एकादशी होंगी। पहली एकादशी का व्रत 4 अगस्त को पड़ेगा। इसी दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पुत्रदा एकादशी सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस एकादशी का व्रत 5 अगस्त को रखा जाएगा।
वहीं, अगस्त 2025 माह में दूसरी एकादशी का व्रत 18 अगस्त को रखा जाएगा। इस एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखी जाती है।
वहीं, अगस्त 2025 माह में दूसरी एकादशी का व्रत 18 अगस्त को रखा जाएगा। इस एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है। इन दोनों ही एकादशियों के व्रत का विशेष महत्व है। पुत्रदा एकादशी का व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस व्रत को करने से कष्टों और कष्टों का नाश होता है।
इन दोनों ही एकादशियों के व्रत का विशेष महत्व है। पुत्रदा एकादशी का व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस व्रत को करने से कष्टों और कष्टों का नाश होता है।
साथ ही अजा एकादशी का व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है। इस व्रत को करने से साधक सभी पापों से मुक्त हो जाता है। साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
साथ ही अजा एकादशी का व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है। इस व्रत को करने से साधक सभी पापों से मुक्त हो जाता है। साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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