धर्म-अध्यात्म

Durva Ke Upay: दूर्वा से मजबूत होगा बुध ग्रह, बुधवार को इन उपायों से मिलेगी सफलता

Sarita
4 Feb 2026 8:07 AM IST
Durva Ke Upay: दूर्वा से मजबूत होगा बुध ग्रह, बुधवार को इन उपायों से मिलेगी सफलता
x
Durva Ke Upay: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। भगवान गणेश को सुखकर्ता और दुखहर्ता कहा गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से बुधवार के दिन गणपति की पूजा करता है, उसके जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि का विकास होता है। विशेष रूप से दूर्वा से जुड़े उपाय भगवान गणेश को जल्दी प्रसन्न करते हैं।
बुधवार और भगवान गणेश का संबंध:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है, जो बुद्धि, वाणी और विवेक का कारक है। भगवान गणेश को भी बुद्धि का देवता माना गया है। यही कारण है कि बुधवार के दिन गणेश पूजा करने से बुद्धि तेज होती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए दूर्वा का उपाय:
अगर बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता या एकाग्रता की कमी रहती है, तो बुधवार के दिन बच्चे से भगवान गणेश की पूजा कराएं। पूजा के दौरान गणपति को दूर्वा की 11 गांठ अर्पित करें। इस उपाय से पढ़ाई में रुचि बढ़ती है और मन भटकता नहीं है।
कुछ बच्चे पढ़ाई में बहुत अधिक कमजोर होते हैं, जिससे माता-पिता परेशान रहते हैं। ऐसे में बुधवार के दिन गणेश जी को सिंदूर और दूर्वा अर्पित करें और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। मान्यता है कि इस उपाय से जल्दी शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।
गणपति दूर करते हैं सारे दुख:
हिंदू मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन 11 या 21 दूर्वा को लाल मोली से बांधकर गणपति को अर्पित करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर होती हैं। इससे भगवान गणेश की कृपा मिलती है और कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होकर करियर और कारोबार में लाभ देता है।
कमजोर ग्रह को मजबूत करने का उपाय:
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध कमजोर हो, तो बुधवार के दिन गाय को दूर्वा खिलानी चाहिए। इस उपाय से बुध ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-सौभाग्य, धन और शांति बनी रहती है।
दूर्वा हमेशा सुबह के समय तोड़ें। रविवार के दिन कभी नहीं तोड़नी चाहिए। पूजा के लिए दूर्वा किसी पवित्र स्थान से लें या घर के गमले में उगाई हुई दूर्वा का प्रयोग करें। गणपति को दूर्वा चरणों में नहीं, मस्तक पर अर्पित करें और इस्तेमाल की गई दूर्वा को कूड़े में फेंकने के बजाय मिट्टी में दबाएं या बहते जल में प्रवाहित करें।
Next Story