धर्म-अध्यात्म

Diwali Puja Samagri: इन चीजों के बिना अधूरा रहता है दिवाली लक्ष्मी पूजन, जानिए संपूर्ण सामग्री

Sarita
20 Oct 2025 7:40 AM IST
Diwali Puja Samagri: इन चीजों के बिना अधूरा रहता है दिवाली लक्ष्मी पूजन, जानिए संपूर्ण सामग्री
x
Diwali Puja Samagri: कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दीपों का महापर्व दिवाली मनाया जाता है। इस वर्ष 20 अक्तूबर को दिवाली है। तिथि पर हंस महापुरुष योग, बुधादित्य योग और हस्त नक्षत्र का अत्यंत मंगलकारी संयोग बना हुआ है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। मान्यता है कि इस विशेष योग में लक्ष्मी पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि, धन-संपदा व बरकत का वास होता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक दिवाली जहां भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती हैं, वहीं इस दिन समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी भी प्रकट हुईं थीं। इसलिए दिवाली के शुभ अवसर पर प्रदोष काल में घर, मंदिर, दुकान व सभी कार्यस्थल पर लक्ष्मी पूजन किया जाता है। इस दौरान देवी की उपासना संपूर्ण सामग्रियों के साथ करनी चाहिए। इससे जीवन में खुशियां बनी रहती हैं और व्यक्ति विलासिता जीवन जीता है। ऐसे में आइए इस दिन की संपूर्ण पूजा सामग्री को जानते हैं।पूजन सामग्री|
पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां:
पान के पत्ते और फूल
भगवानों के लिए फूल माला
चांदी या तांबे की थाली पूजन के लिए
चौकी और उसके लिए लाल वस्त्र
बंदनवार और शुभ दिवाली
आम के पत्ते
गंगाजल, साफ कटोरी और पूजा के लिए बर्तन
मिठाई, मौसमी फल
खील-बताशे और मखाने
धनिया के बीज और रंगोली बनाने के लिए रंग
आरती किताब:
पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, छुहारा, अखरोट)
साफ कलश और उसके लिए नारियल
सुपारी, लौंग और इलायची
कपूर और घी या तेल का दीपक
रक्षा सूत्र, रोली
चावल , हल्दी, कुमकुम
धूप और अगरबत्ती पूजा के लिए
लक्ष्मी पूजन विधि की किताब
लक्ष्मी चालीसा किताब
लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहर्त :
दुकान-ऑफिस, गृहस्थों और व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन मुहूर्त
ऑफिस के लिए (लाभ)- दोपहर 3:30 मिनट से शाम 5:00 बजे तक
छात्रों के लिए (अमृत)- शाम 5:00 मिनट से लेकर 6:30 मिनट तक
प्रदोष काल- 05:46 से 08:18 तक
वृषभ काल- 07:08 से 09 :03 तक
गृहस्थ, किसान, व्यापारी और विद्यार्थी के लिए- शाम 7: 32 मिनट से लेकर रात 9: 28 मिनट तक
नए व्यापारियों के लिए (चंचल)- शाम 5:55 मिनट से लेकर 7:25 मिनट तक।
परंपरागत व्यापारियों के लिए (शुभ)- रात 3:25 मिनट से लेकर 4:55 मिनट तक।
साधको के लिए (लाभ)- रात 12: 25 से 01:55 मिनट तक।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल)- शाम 07:08 से 08:18 तक।
ब्रह्रा मुहूर्त ( 21 अक्टूबर 2025 सभी के लिए)- सुबह 3:55 से 5:25 तक।
दीपावली 2025- निशिता काल पूजा मुहूर्त:
निशिता काल- रात्रि 11:41 से 12:31 तक
सिंह लग्न काल- सुबह 01:38 से 03:56 तक
Next Story