धर्म-अध्यात्म

Diwali 2025: प्रदोष काल से वृषभ काल तक करें मां लक्ष्मी की पूजा — जानिए शुभ मुहूर्त

Harrison
13 Oct 2025 6:54 PM IST
Diwali 2025: प्रदोष काल से वृषभ काल तक करें मां लक्ष्मी की पूजा — जानिए शुभ मुहूर्त
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : इस वर्ष दिवाली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी। दीपावली के दिन, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिष और पंचांगों के अनुसार, इस वर्ष पूजा के लिए जो शुभ समय (मुहूर्त) बनाए गए हैं, उनमें प्रदोष काल और वृषभ काल का संगम सबसे अधिक फलदायक माना गया है।
पूजा के महत्वपूर्ण समय — प्रदोष काल और वृषभ काल
• प्रदोष काल
– यह समय शाम **05:46 बजे से रात 08:18 बजे तक है।
– इस अवधि में पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा अधिक मानी जाती है।
• वृषभ काल (स्थिर लग्न)
– वृषभ काल का समय है 07:08 बजे से 09:03 बजे तक।
– ध्यान दें: वृषभ काल का समय प्रदोष काल के अंतर्गत आ गया है, इसलिए 07:08 बजे से 08:18 बजे तक यह दोनों कलाएं साथ-साथ लागू होंगी।
इस तरह, 07:08 बजे से 08:18 बजे तक का समय इस वर्ष दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जा रहा है — क्योंकि यह प्रदोष काल और वृषभ लग्न दोनों में आता है।
पूजा विधि और तैयारी
पूजा की सही तैयारी और विधि अपनाने से यह मुहूर्त और भी फलदायी माना जाता है:
सफाई और स्नान — पूरा घर और पूजा स्थल पहले अच्छी तरह से साफ़ करें।
पंचामृत और जल — गंगाजल या शुद्ध जल, पंचामृत आदि तैयार रखें।
पूजा मंच — लाल या पीला कपड़ा बिछाएं, चावल आदि से आसन बनाएं।
प्रतिमा स्थापना — गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमाएँ रखें, दीपक एवं दीप जलाएँ।
मंत्र जाप एवं आरती — उपयुक्त मंत्रों का उच्चारण करें, आरती करें।
प्रसाद अर्पण — माँ को फूल, फल, मिठाई, नारियल, अक्षत आदि अर्पित करें।
अमावस्या तिथि और पूजा का दिन
– इस वर्ष अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर दोपहर 03:44 बजे से होगी और यह 21 अक्टूबर शाम 05:54 बजे तक चलेगी।
– हालांकि अमावस्या तिथि 21 अक्टूबर तक बनी रहेगी, लेकिन रात्रि पूजा का समय 20 अक्टूबर को ही श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि उसी दिन प्रदोष एवं वृषभ काल का योग बन रहा है।
इस वर्ष दिवाली पर माँ लक्ष्मी की पूजा का सबसे शुभ समय है शाम 07:08 बजे से रात 08:18 बजे तक, जो प्रदोष काल तथा वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) के संगम में आता है।
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