धर्म-अध्यात्म

Dhumavati Jayanti 2025: जानिए क्यों विवाहित महिलाएं नहीं करतीं देवी धूमावती जयंती पर पूजा

Sarita
3 Jun 2025 10:06 AM IST
Dhumavati Jayanti 2025:  जानिए क्यों विवाहित महिलाएं नहीं करतीं देवी धूमावती जयंती पर पूजा
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Dhumavati Jayanti 2025: शास्त्रों में देवी धूमावती को माता पार्वती का स्वरूप कहा गया है, अधिकतर तंत्र साधना करने वाले साधकों द्वारा की धूमावती देवी की पूजा की जाती है। हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर धूमावती जयंती मनाई जाती है। साल 2025 में धूमावती जयंती 3 जून यानी आज मनाई जा रही है। सुहागिन महिलाओं को देवी धूमावती की पूजा करना वर्जित है आइए जानते हैं कारण|
कौन हैं देवी धूमावती:
देवी धूमावती से दो पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं। एक कथा के मुताबिक जब देवी सती ने यज्ञ में खुद को जलाकर भस्म कर दिया तो उस यज्ञ कुंड से जो धुआं उठा उससे धूमावती देवी का जन्म हुआ यानी देवी सती के शरीर के जलने पर धूएं के स्वरूप में धूमावती देवी प्रकट हुईं। वहीं, दूसरे कथा की मानें तो एक बार शिव और सती एक साथ भ्रमण कर रहे थे, इसी दौरान सती को तेज भूख लगी और उनके पास कुछ नहीं दिखा सिवाय सिव के तो उन्होंने शिव को ही निगल लिया। इसके बाद शिव के कहने पर पावर्ती ने उन्हें उदर से बाहर निकाला। इसके बाद भगवान शिव ने उन्हें श्राप दे दिया कि तुमने अपने पति को निगल लिया इस कारण आज से तुम विधवा रूप में रहोगी। देवी सती वैधव्य स्वरूप ही देवी धूमावती के रूप में जाना जाता है।
सुहागिन महिलाएं क्यों नहीं करती धूमावती की पूजा:
माता धूमावती तो मां पार्वती का ही स्वरूप हैं, लेकिन वैधव्य स्वरूप होने के कारण इनकी पूजा सुहागिन महिलाओं के द्वारा नहीं की जाती है। माना जाता है कि इसका स्वरूप बेहद उग्र है। शास्त्रों के मुताबिक, माता धूमावती की ध्वनि इतनी तीव्र है कि मनुष्य भयभीत हो उठते हैं। कहा जाता है कि हमेशा भूखी रहने वाली माता धूमावती राक्षसों और दैत्यों का संहार कर उनका भक्षण करती हैं।
दस महाविद्याओं में से एक मां धूमावती को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि और मंत्र
धूमावती देवी की पूजा हमेशा पश्चिम दिशा में मुख करके की जाती है, पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े ही धारण करें। वहीं, माता की तस्वीर पूजा स्थल पर रखें और दीप और धूप जलाकर अराधना करें। इसके बाद माता धूमावती के मंत्रों का जाप करें
‘धूं धूं धूमावति ठः ठः स्वाहा।‘
एक बार फिर से सुन लीजिये-
धूमावती मां के इस विशेष मंत्र का जाप करने से आप अपने शत्रुओं पर आसानी से अपना कंट्रोल कर सकते हैं, उन्हें अपने काबू में कर सकते हैं। लेकिन इस मंत्र का जाप करने से पहले आपको धूमावती के यंत्र का निर्माण भी जरूर करना चाहिए, जिससे आपको मिलने वाले लाभ में कई गुना बढ़ोतरी होगी और आपको कई प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होगी।
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