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धर्म-अध्यात्म
dharm: नारियल को क्यों माना जाता है खास, जानिए इसका धार्मिक महत्व
Sarita
1 Aug 2025 7:55 AM IST

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dharm: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत श्रीगणेश और श्रीफल (नारियल) के बिना अधूरी मानी जाती है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरी आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं से जुड़ा है। नारियल को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और यही कारण है कि इसे श्रीफल कहा जाता है।
नारियल का धार्मिक महत्व:
हिंदू धर्म में नारियल का विशेष स्थान है। देवी-देवताओं की पूजा, हवन, व्रत या किसी भी अनुष्ठान में इसका प्रयोग अनिवार्य माना गया है। नारियल को तोड़ना अशुभता को खत्म करने और शुभता को आमंत्रित करने का प्रतीक माना जाता है। खासतौर पर शक्ति की साधना में नारियल देवी को अर्पित किया जाता है।
घर में कैसे और कहां रखें नारियल?
यदि आपके घर में धन की किल्लत बनी रहती है तो एक नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान (जहां आप पैसे रखते हैं) पर इस प्रकार रखें कि किसी की नजर उस पर न पड़े। यह उपाय न केवल धन वृद्धि में सहायक होता है, बल्कि घर में सुख-शांति बनाए रखने में भी सहायक माना गया है।
नजर दोष से करता है रक्षा:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि बार-बार आपके घर, परिवार या कारोबार पर नजर लगने की शिकायत रहती है तो आप अपने घर या दुकान के मुख्य द्वार पर लाल कपड़े में नारियल लटकाएं। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को खत्म करता है और घर में सकारात्मकता एवं शुभ ऊर्जा का संचार करता है।
नारियल के ज्योतिषीय उपाय:
नारियल से जुड़े कई ज्योतिष उपाय हैं जिन्हें आप किसी भी दिन कर सकते हैं, लेकिन अगर इन्हें मंगलवार या शुक्रवार को किया जाए तो उनका प्रभाव अधिक होता है। विशेषकर नवग्रहों के अनुसार उपाय करने पर यह जीवन में समृद्धि, शांति और सौभाग्य को आकर्षित करता है।
महिलाओं को नारियल तोड़ना क्यों वर्जित है?
हिंदू मान्यता के अनुसार, किसी भी जानवर की बलि देने के बजाय नारियल को बलिदान रूप में तोड़ा जाता है। लेकिन स्त्रियों को नारियल तोड़ने की मनाही है क्योंकि नारियल को बीज का प्रतीक माना गया है और महिलाएं स्वयं जीवन देने वाली बीजधारी होती हैं। इसीलिए नारियल तोड़ना महिलाओं के लिए अशुभ माना जाता है।
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