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धर्म-अध्यात्म
Dev Uthani Ekadashi 2025:, : लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए एकादशी पर करे इन उपायों का पालन
Sarita
27 Oct 2025 10:14 AM IST

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Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी को बहुत ही खास माना जाता है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। यह एकादशी वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी होती है। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और पुनः सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के साथ ही चातुर्मास का समापन हो जाता है। इसके बाद विवाह सहित सभी शुभ कार्य पुनः शुरू हो जाते हैं।
देवउठनी एकादशी को देवोत्थान और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने वालों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उनके जीवन में सुख-शांति आती है। इसके अलावा, जो लोग इस दिन व्रत और पूजा करते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है। इस दिन पूजा-अर्चना के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन ये पाँच उपाय करने से घर में देवी लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी कृपा होती है।
देवउठनी एकादशी कब है:
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास का शुक्ल पक्ष 1 नवंबर को सुबह 9:11 बजे शुरू हो रहा है। यह तिथि 2 नवंबर को सुबह 7:31 बजे समाप्त होगी। इसलिए, इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को है। इस दिन चतुर्मास का अंत होता है और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।
देवउठनी एकादशी पर करें ये पाँच उपाय:
देवउठनी एकादशी पर तुलसी माता को लाल दुपट्टा अवश्य ओढ़ाएँ। ऐसा करने से तुलसी माता प्रसन्न होती हैं। आपको भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
इस दिन पीले धागे में 11 गांठें लगाकर तुलसी माता को बांधें।
इस दिन तुलसी माता को कलावा अवश्य चढ़ाएँ।
इस दिन तुलसी माता को कच्चा दूध अर्पित करें। साथ ही, दीपक जलाकर आरती करें।
इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी के पांच पत्ते अवश्य अर्पित करें।
मान्यताओं के अनुसार, देवउठनी एकादशी पर ये पांच उपाय करने से भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और तुलसी माता की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में धन-संपत्ति बढ़ती है। घर पर देवी लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
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