धर्म-अध्यात्म

Death in Panchak: पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या करना चाहिए

Sarita
6 Oct 2025 8:25 AM IST
Death in Panchak: पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या करना चाहिए
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Death in Panchak:पंचक धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध से रेवती नक्षत्र तक के पाँच दिनों को कहते हैं। इन पाँच दिनों में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होता है। पंचक काल को ज्योतिषीय दृष्टि से अशुभ माना जाता है, जिसमें कई कार्य वर्जित होते हैं। लोग अक्सर सोचते हैं कि अगर पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या होता है और पंचक के दौरान मृत्यु होने पर क्या करना चाहिए। आइए बताते हैं।
पंचक में मृत्यु दोष:
ज्योतिष के अनुसार, पंचक के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु अशुभ मानी जाती है, क्योंकि इस दौरान लकड़ी से संबंधित कार्य वर्जित होते हैं। पंचक के दौरान दाह संस्कार भी नहीं किया जाता है। गरुड़ पुराण सहित कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि पंचक के दौरान मृत्यु पूरे कुल या परिवार को प्रभावित कर सकती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, पंचक के दौरान मृत्यु को अशुभ माना जाता है और इसका आत्मा पर विशेष प्रभाव पड़ता है।
पंचक के दौरान मृत्यु होने पर क्या होता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के पाँच अन्य सदस्यों की मृत्यु या कष्ट का खतरा रहता है। ज्योतिष शास्त्र पंचक के दौरान मृत्यु के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उपाय प्रदान करता है।
जीवन हानि का भय: पंचक के दौरान मृत्यु को अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे परिवार के पाँच अन्य सदस्यों की मृत्यु या कष्ट की संभावना बढ़ जाती है, जिसका उल्लेख गरुड़ पुराण में भी मिलता है।
आत्मा की मुक्ति में बाधाएँ: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान मृत्यु होने पर आत्मा सीधे उच्च लोकों में मोक्ष प्राप्त नहीं कर पाती और उसकी यात्रा में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
पंचक के दौरान मृत्यु होने पर क्या करें:
पंचक दोष निवारण: पंचक के दौरान मृत्यु से परिवार को प्रभावित होने से बचाने के लिए, दाह संस्कार के दौरान आटे या कुशा के पाँच पुतले बनाए जाते हैं और शव के साथ उनका भी विधिवत दाह संस्कार किया जाता है।
शांति विधान: पंचक दोष के निवारण हेतु सपिंड के दिन तिल, सोना, चाँदी और घी से भरा कांसे का बर्तन दान करने की भी प्रथा है।
पंचक शांति पूजा: मृत्यु दोष की शांति के लिए पंचक के दौरान विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
मंत्र जाप और दान: पंचक के दौरान मृत्यु होने पर गायत्री मंत्र का जाप और धार्मिक अनुष्ठान भी लाभकारी होते हैं।
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