धर्म-अध्यात्म

August में लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर बढ़ी उत्सुकता, जानें खास बातें

Ratna Netam
16 July 2026 3:20 PM IST
August  में लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर बढ़ी उत्सुकता, जानें खास बातें
x

New Delhi नई दिल्ली : साल 2026 में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है। 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा, जो सावन महीने के दौरान पड़ेगा। इसके बाद अगले साल 2 अगस्त 2027 को भी एक बड़ा सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। खगोल विज्ञान के साथ-साथ ज्योतिष की दृष्टि से भी इन ग्रहणों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रहण को लेकर लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि यह भारत में दिखाई देगा या नहीं और इसका राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश प्रभावित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है।

12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण कई मायनों में खास माना जा रहा है। खगोलीय जानकारों के अनुसार, यह ग्रहण यूरोप, कनाडा, अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। रूस वह पहला देश होगा जहां इस सूर्य ग्रहण को सबसे पहले देखा जा सकेगा।

यह सूर्य ग्रहण सूर्यास्त से करीब दो घंटे पहले दिखाई देगा। इसकी कुल अवधि लगभग 1 घंटे 45 मिनट रहने की संभावना है। हालांकि, ग्रहण का प्रभाव और दृश्यता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है। कुछ स्थानों पर लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण देख पाएंगे, जबकि कई क्षेत्रों में केवल आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।

उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में लोग इस खगोलीय घटना को आंशिक रूप में देख सकेंगे। वहीं यूरोप के कुछ क्षेत्रों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जो इलाके पूर्ण ग्रहण के रास्ते में नहीं आएंगे, वहां सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा से ढका हुआ नजर आएगा।

भारत की बात करें तो इस सूर्य ग्रहण के भारत में दिखाई देने की संभावना नहीं है। ऐसे में भारत में रहने वाले लोगों के लिए इसे सीधे तौर पर देख पाना संभव नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन स्थानों पर ग्रहण दिखाई देता है, वहीं इसका सूतक काल और धार्मिक प्रभाव माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। कुछ राशियों के लिए यह समय आत्मचिंतन और बदलाव का संकेत माना जाता है, जबकि कुछ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

वहीं, वैज्ञानिकों के लिए यह सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान वैज्ञानिक सूर्य के बाहरी वातावरण यानी कोरोना का अध्ययन करते हैं। इस तरह की घटनाएं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई जानकारियां जुटाने में मदद करती हैं।

इसके बाद 2 अगस्त 2027 को भी एक बड़ा सूर्य ग्रहण लगने वाला है, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। इसे भी खगोलीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।

कुल मिलाकर 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण घटना है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया के कई देशों में लोग इस दुर्लभ खगोलीय नजारे के गवाह बनेंगे। वैज्ञानिक इस घटना का अध्ययन करेंगे, वहीं ज्योतिष में इसे ग्रहों की स्थिति और जीवन पर प्रभाव से जोड़कर देखा जाएगा।

Next Story