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Chhath Puja Usha Arghya 2025: आज उषा अर्घ्य से होगा छठ व्रत का समापन, देखें पूजा का शुभ समय

Sarita
28 Oct 2025 7:19 AM IST
Chhath Puja Usha Arghya 2025: आज उषा अर्घ्य से होगा छठ व्रत का समापन, देखें पूजा का शुभ समय
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Chhath Puja Usha Arghya 2025: भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय छठ महापर्व का आज चौथा और अंतिम दिन है। इस दिन व्रती प्रातःकाल उगते सूर्य को उषा अर्घ्य अर्पित करते हैं। जैसे ही सूर्य की पहली किरण जल को स्पर्श करती है, व्रती ठंडे पानी में खड़े होकर अपने परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यह पूजन प्रायः नदी, तालाब या किसी पवित्र जलाशय के किनारे किया जाता है। उषा अर्घ्य के साथ ही कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ हुआ यह महान व्रत पूर्ण हो जाता है।
पंचांग के अनुसार, 28 अक्तूबर 2025 को कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि सुबह 7:59 बजे तक रहेगी। इस दौरान सूर्योदय का शुभ समय 6:04 से 6:45 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है।
उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की विधि
छठ पर्व का चौथा दिन उषा अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है।
व्रती सबसे पहले सूर्य देव को उगते सूर्य के समय अर्घ्य अर्पित करें।
इस दिन व्रती साफ-सुथरे और पवित्र वस्त्र पहनें।
पूजा की थाली में रखें: दूध, गंगाजल, हल्दी, सुपारी, अक्षत और दीपक।
इसके बाद नदी, तालाब या जलाशय में कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
अर्घ्य अर्पित करने के बाद परिवार के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामना करें।
पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद ग्रहण करके व्रत का समापन करें।
छठ व्रत का पारण
चार दिन के इस कठिन व्रत का समापन आज उषा अर्घ्य के बाद पारण से किया जाएगा। लगभग 36 घंटे तक निर्जल व्रत रखने वाले साधक सबसे पहले पवित्र जल ग्रहण करते हैं, फिर प्रसाद के रूप में ठेकुआ, खीर, फल आदि का सेवन करते हैं। इसके साथ ही छठ व्रत की सभी विधियाँ पूर्ण हो जाती हैं।
छठ पूजा का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में छठ पूजा को पुत्रेष्टि यज्ञ के समान माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान सुख, दीर्घायु और समृद्धि की प्राप्ति होती है। जिन दंपतियों को संतान प्राप्ति में बाधा होती है, उन्हें इस व्रत के पुण्य से मनोकामना पूर्ण होती है। ज्योतिष दृष्टि से भी छठ पूजा अत्यंत शुभ मानी गई है यह नवग्रहों के राजा सूर्य को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ उपाय है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य, सफलता और सुख-समृद्धि का वास होता है।
शहर अनुसार सूर्य उदय का समय
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर गोरखपुर: प्रातः 06:03
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर वाराणसी: प्रातः 06:03
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर प्रयागराज: प्रातः 06:08
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर लखनऊ: प्रातः 06:13
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर कानपुर: प्रातः 06:14
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर आगरा: प्रातः 06:25
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर मेरठ: प्रातः 06:28
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर गाज़ियाबाद: प्रातः06:29
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर झांसी: प्रातः 06:21
सूर्यादय का समय आज 28 अक्तूबर मथुरा: प्रातः 06:27
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर नॉएडा - प्रातः 6:29
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर मुंबई - प्रातः6:37
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर अहमदाबाद - प्रातः6:43
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर बेंगलुरु - प्रातः6:12
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर हैदराबाद - प्रातः6:13
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर दिल्ली - प्रातः6:31
सूर्योदय का समय आज 28 अक्तूबर चेन्नई - प्रातः 6:34
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