धर्म-अध्यात्म

Chhath Puja:जानें गर्भावस्था में पूजा और व्रत के नियम

Sarita
25 Oct 2025 10:28 AM IST
Chhath Puja:जानें गर्भावस्था में पूजा और व्रत के नियम
x
Chhath Puja: हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ महापर्व की शुरुआत होती है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है और उत्तर भारत में इसे अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पर्व बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाया जाता हैं। इस व्रत में 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखने का विधान है, जिसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। ऐसे में अक्सर यह प्रश्न उठता है कि क्या गर्भवती महिलाओं को छठ व्रत रखना चाहिए? आइए जानते हैं, अगर कोई गर्भावस्था में छठ पूजा कैसे करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
गर्भावस्था में छठ पूजा कैसे करें?
गर्भावस्था में छठ व्रत रखने को लेकर बात की जाए, तो यह सही नहीं माना जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए लंबा निर्जला उपवास रखना उचित नहीं होता, क्योंकि इससे शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो मां और बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर डालती है। लेकिन अगर फिर भी कोई व्रत का पालन करना चाहिता है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही हल्के फलाहार के साथ करें। इसमें नारियल पानी, दूध, फल, या साबूदाना जैसे तरल और हल्के आहार शामिल किए जा सकते हैं।
पूजा के समय लंबे समय तक पानी में खड़े रहने की बजाय थोड़ी देर के लिए संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य दें। परिवार के सदस्य पूजा की तैयारी, प्रसाद बनाना और अन्य कार्यों में मदद करें। यदि यह भी शारीरिक रूप से संभव न हो, तो महिलाएं छठ मइया की कथा और भजन सुन सकती हैं तथा मन ही मन प्रार्थना कर सकती हैं“हे छठ मइया, मुझे और मेरे बच्चे को स्वस्थ रखें।”
व्रत के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं क्या खा सकती हैं?
गर्भावस्था में शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए पूर्ण निर्जला व्रत रखना हानिकारक हो सकता है। अगर कोई महिला छठ व्रत करने पर दृढ़ है, तो उसे फलाहार व्रत रखना चाहिए। दिनभर में हल्के फल जैसे केला, सेब, या मौसमी फल खा सकती हैं। इसके साथ नींबू पानी, नारियल पानी या दूध जैसे पेय पदार्थ भी लेते रहना चाहिए, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे।
गर्भावस्था के दौरान छठ पूजा करने की इच्छा रखना श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को छठ व्रत न रखने की सलाह दी जाती है।
Next Story