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Chhath 2025 Sandhya Arghya Wishes: छठ महापर्व का तीसरा दिन आज, इन खास संदेशों के साथ भेजें संध्या अर्घ्य की शुभकामनाएं

Sarita
27 Oct 2025 9:10 AM IST
Chhath 2025 Sandhya Arghya Wishes: छठ महापर्व का तीसरा दिन आज, इन खास संदेशों के साथ भेजें संध्या अर्घ्य की शुभकामनाएं
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Chhath 2025 Sandhya Arghya Wishes: लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है. यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है. कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होकर यह चार दिनों तक चलता है। इस वर्ष छठ पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर 2025 से हो चुकी है|
पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. ऐसे में आज यानी 27 अक्टूबर 2025 को सांध्य अर्घ्य की शुरुआत हो चुकी है. आइए जानें इस दिन का महत्व और अपनों को भेजने के लिए कुछ शुभकामना संदेश|
संध्या अर्घ्य पर अपनों को भेजें शुभकामना संदेश
संध्या अर्घ्य के इस शुभ अवसर पर,
सूर्य देव की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों,
संध्या अर्घ्य की हार्दिक शुभकामनाएं

छठी मैया आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें,
आपके परिवार को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें,
हैप्पी संध्या अर्घ्य 2025

संध्या अर्घ्य का प्रकाश आपके जीवन को रोशन करें,
आपके ह्रदय को आनंद से भर दें,
संध्या अर्घ्य की हार्दिक शुभकामनाएं

इस छठ पूजा में जो तू चाहे वो तेरा हो,
हर दिन खूबसूरत और रातें रोशन हों,
कामयाबी चूमती रहे तेरे कदम हमेशा,
संध्या अर्घ्य की हार्दिक शुभकामनाएं

जब चिड़िया बाग में चहचहाती है,
छठी मैया तब प्यार बरसाती है,
सब के जीवन में खुशियां भर जाती है,
हैप्पी संध्या अर्घ्य 2025
संध्या अर्घ्य का धार्मिक महत्व:
छठ पूजा में तीसरे दिन का विशेष महत्व होता है. इस दिन व्रतधारी महिलाएं अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देती हैं. ऐसा माना जाता है कि सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने से न केवल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और संतान की दीर्घायु भी बनी रहती है. इस अवसर पर घाटों पर भक्तजन सूर्य देव की उपासना करते हैं, भजन गाते हैं और छठी मैया से आशीर्वाद की कामना करते हैं|
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