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धर्म-अध्यात्म
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण खत्म होते ही क्या करें, जाने स्नान-दान से जुड़ी 5 जरूरी बातें
Sarita
3 March 2026 10:57 AM IST

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Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर अपनी छाया छोड़कर विदा हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की अवधि को नकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है। ऐसे में जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है, घर की शुद्धि और स्वयं को दोषमुक्त करना बेहद अनिवार्य हो जाता है। यदि आप भी ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को खत्म कर अपने जीवन में खुशहाली और सौभाग्य लाना चाहते हैं, तो चंद्र ग्रहण के खत्म होते ही इन पारंपरिक नियमों का पालन जरूर करें।
1. तन और मन की शुद्धि सबसे पहले:
ग्रहण के मोक्ष (समाप्ति) के तुरंत बाद सबसे पहला काम स्नान करना है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में जो दूषित किरणें होती हैं, उनका असर हमारे शरीर और वस्त्रों पर पड़ता है। इसलिए पुराने कपड़े त्याग कर स्नान करना चाहिए। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी या सरोवर में डुबकी लगाएं, अन्यथा घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी उतना ही फलदायी माना जाता है।
2. दान से मिटेंगे कुंडली के दोष:
हिंदू धर्म में दान को हर समस्या का रामबाण इलाज माना गया है। चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के लिए सफेद वस्तुओं का दान करना सबसे उत्तम है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार चावल, चीनी, सफेद वस्त्र या चांदी का दान किसी जरूरतमंद को करें। इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक शांति मिलती है। ग्रहण के समय पहने हुए कपड़ों को भी दोबारा बिना धोए नहीं पहनना चाहिए, बेहतर होगा कि उन्हें दान कर दिया जाए।
3. देव स्थान और रसोई की सफाई:
जैसे ही सूतक काल समाप्त हो, अपने पूजा घर की सफाई करें। भगवान की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं और पूरे मंदिर में शुद्ध जल का छिड़काव करें। इसके बाद ही अपने आराध्य की विधिवत पूजा-अर्चना शुरू करें। घर की सफाई के क्रम में रसोई को नजरअंदाज न करें। ग्रहण के बाद किचन की अच्छी तरह सफाई करें और बासी भोजन करने से बचें।
4. खान-पान में बरतें सावधानी:
ग्रहण के बाद हमेशा ताजा भोजन बनाकर ही ग्रहण करना चाहिए। यदि आपने ग्रहण लगने से पहले किसी खाने की वस्तु या दूध-पानी में तुलसी के पत्ते डाल दिए थे, तो आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन जिन खाद्य पदार्थों में तुलसी नहीं थी, उन्हें ग्रहण करने से बचना चाहिए क्योंकि उनमें ग्रहण की अशुद्धता समाहित हो जाती है।
5. रात में भी जरूरी है सावधानी:
कई बार ग्रहण देर रात समाप्त होता है, ऐसी स्थिति में भी आलस न करें। शरीर की शुद्धि के लिए कम से कम हाथ-मुंह धोकर साफ कपड़े पहनना जरूरी है ताकि नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो सके। इन सरल उपायों को अपनाकर आप चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभावों को शुभता में बदल सकते हैं।
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