धर्म-अध्यात्म

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में 9 दिन व्रत नहीं रख पाते तो करें ये पांच उपाय, मिलेगा पूरा फल

Sarita
27 March 2025 12:19 PM IST
Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में 9 दिन व्रत नहीं रख पाते तो करें ये पांच उपाय, मिलेगा पूरा फल
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Chaitra Navratri 2025: सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व अत्यधिक महत्व रखता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रत्येक दिन देवी के एक विशिष्ट रूप की आराधना करने का विशेष महत्व बताया गया है। यह भी मान्यता है कि यदि इन नौ दिनों में विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो माता रानी की कृपा से जीवन की विभिन्न समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसे कुछ खास उपाय जो नवरात्रि में किए जा सकते हैं।
व्रत न रख पाने पर क्या करें?
नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखने और माता रानी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, लेकिन जो लोग संपूर्ण नौ दिनों तक उपवास नहीं रख सकते, वे माता रानी के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित कर सकते हैं। साथ ही प्रतिदिन नवार्ण मंत्र "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" का जाप करने से भी नवरात्रि व्रत के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि में करें ये खास उपाय
तुलसी का पौधा लगाएं
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है, तो नवरात्रि के दौरान इसे अवश्य लगाएं। माता रानी को तुलसी अत्यंत प्रिय है और इसकी स्थापना से घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है। नवरात्रि के नौ दिनों में प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के समक्ष देसी घी का दीपक प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
मां लक्ष्मी की तस्वीर
नवरात्रि के पहले दिन जब कलश स्थापना करें, तो मां दुर्गा के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इससे घर में आर्थिक स्थिरता बनी रहती है और धन-संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
देवी दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करने के बाद, उन्हें सोलह श्रृंगार अर्पित करें। ऐसा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह उपाय विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी माना जाता है जिनके पति का स्वास्थ्य कमजोर रहता है या दांपत्य जीवन में परेशानियां रहती है।
यदि आप शारीरिक रूप से दुर्बल महसूस कर रहे हैं, तो नवरात्रि के दिनों में प्रतिदिन सुबह मां दुर्गा को दूध और शहद अर्पित करें। इसके बाद इसका सेवन करें। ऐसा करने से आत्मबल और शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है।
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