धर्म-अध्यात्म

Budh Pradosh Vrat 2025: मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए प्रदोष व्रत की शाम करें ये काम

Sarita
17 Dec 2025 9:10 AM IST
Budh Pradosh Vrat 2025: मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए प्रदोष व्रत की शाम करें ये काम
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Budh Pradosh Vrat 2025: 17 दिसंबर 2025 का बुध प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ अवसर लेकर आ रहा है। पंचांगानुसार प्रदोष काल में की गई पूजा और विधिपूर्वक किए गए उपाय बुद्धि, व्यापार, वाणी और जीवन की चुनौतियों पर विजय दिलाते हैं। भक्त इस दिन भगवान शिव और माता गौरी का ध्यान कर अपनी मनोकामनाओं की सिद्धि की कामना कर सकते हैं।
बुध प्रदोष के दिन क्या करें:
शिवलिंग के पास दीपदान:
बुध प्रदोष के दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में शिवलिंग के निकट देसी घी का चौमुखी दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है। इसके साथ शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें।
बुध ग्रह को प्रसन्न करने का मंत्र:
इस दिन बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए यह मंत्र 21 बार जपें—
“ॐ बुद्धिप्रदाय नमः”
त्रयोदशी की रात शिव-दर्शन:
त्रयोदशी तिथि की रात के पहले प्रहर में किसी भेंट के साथ भगवान शिव के दर्शन करने से विशेष पुण्य मिलता है।
बेलपत्र अर्पित करना न भूलें:
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र अवश्य अर्पित करें। यह प्रदोष पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।
बुध प्रदोष के दिन क्या नहीं करना चाहिए
बुधवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत बुद्धि, वाणी, व्यापार और सौभाग्य से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन कुछ कार्य वर्जित बताए गए हैं, जिन्हें न करने से व्रत और पूजा का पूरा फल मिलता है।
क्रोध और कटु वाणी से बचें:
बुध ग्रह वाणी और व्यवहार का कारक है। इस दिन गुस्सा करना, किसी से झगड़ा करना या कटु शब्द बोलना बुध को अशुभ माना जाता है।
हरी चीजों का दान न करें:
बुध ग्रह का रंग हरा है। बुध प्रदोष के दिन हरा कपड़ा, हरी सब्जियां या हरे चने दान करने से बुध ग्रह कमजोर माना जाता है।
शराब, मांसाहार, तामसिक भोजन बिल्कुल न करें:
प्रदोष व्रत का संबंध शिव उपासना से है। इस दिन मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज जैसे तामसिक पदार्थ खाने से व्रत का फल नष्ट होता है।
शिवलिंग को हल्दी न लगाएं:
बुध का दिन होने के बावजूद शिवलिंग पर हल्दी अर्पित करना वर्जित है क्योंकि हल्दी देवी पार्वती का प्रसाद मानी जाती है और शिव को समर्पण योग्य नहीं है।
ऋण लेना या देना उचित नहीं माना जाता:
बुध ग्रह व्यापार और वित्त का भी कारक है। इस दिन कर्ज देना या लेना आर्थिक बाधाएं बढ़ाने वाला समझा गया है।
व्रत के दिन झूठ न बोलें:
वाणी का ग्रह बुध है और प्रदोष के दिन झूठ बोलना बुध दोष को बढ़ाता है।
काले कपड़े और फटे वस्त्र न पहनें:
प्रदोष व्रत में साफ, हल्के और सात्त्विक रंग के कपड़े पहनने चाहिए। काले, गंदे या फटे वस्त्र पहनना अशुभ प्रभाव देता है।
शिवलिंग पर केतकी पुष्प न चढ़ाएं:
बुध प्रदोष हो या सामान्य प्रदोष केतकी (केवड़ा) का फूल शिव पूजा में निषिद्ध है, इसलिए इसे चढ़ाना वर्जित है।
देर रात तक जागरण और अपवित्रता से बचें:
व्रतधारी को दिन भर सात्त्विक जीवन शैली रखनी चाहिए। अत्यधिक रात तक जागना, अपवित्र कार्य करना या अनियमितता व्रत के प्रभाव को कम करती है।
शिव पूजा का अपमान या लापरवाही न करें:
बुध प्रदोष शिव-पार्वती की विशेष आराधना का दिन है। पूजा में लापरवाही, बिना स्नान पूजा करना या मन में नकारात्मकता रखना वर्जित माना जाता है।
बुध प्रदोष व्रत में संयम, सात्त्विकता और शांत मन से शिव पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन इन वर्जित कार्यों से बचने पर व्रत का फल अनेक गुना बढ़ जाता है और बुध ग्रह भी शुभ प्रभाव देने लगता है।
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