धर्म-अध्यात्म

Bhaum Pradosh Vrat: भौम प्रदोष व्रत के दिन करें इस स्तोत्र का पाठ, दूर होंगी आर्थिक परेशानियां

Sarita
8 July 2025 8:57 AM IST
Bhaum Pradosh Vrat:  भौम प्रदोष व्रत के दिन करें इस स्तोत्र का पाठ, दूर होंगी आर्थिक परेशानियां
x
Bhaum Pradosh Vrat: पंचांग के अनुसार, 8 जुलाई को आषाढ़ माह का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा. इस शुभ अवसर पर भगवान शिव संग माता पार्वती की पूजा की जाती है और उनके निमित्त व्रत रखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत पर भोलेनाथ की आराधना करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. अगर आप भी भौम प्रदोष व्रत पर महादेव की कृपा पाना चाहते हैं या आर्थिक तंगी से निजात पाना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत की पूजा के समय इस स्तोत्र का पाठ जरूर करें. धार्मिक मान्यता है कि इस स्तोत्र के पाठ से पैसों की तंगी दूर हो जाती है|
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र:
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय ।
कर्पूरकान्तिधवलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय कालान्तकाय भुजगाधिपकङ्कणाय ।
गङ्गाधराय गजराजविमर्दनाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
भक्तप्रियाय भवरोगभयापहाय उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय ।
ज्योतिर्मयाय गुणनामसुकृत्यकाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
चर्मांबराय शवभस्मविलेपनाय भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय ।
मंजीरपादयुगलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय हेमांशुकाय भुवनत्रय मण्डिताय ।
आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
गौरीविलासभवनाय महेश्वराय पञ्चाननाय शरणागतकल्पकाय ।
शर्वाय सर्वजगतामधिपाय तस्मै दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
भानुप्रियाय भवसागरतारणाय कालान्तकाय कमलासनपूजिताय ।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षणलक्षिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
रामप्रियाय राघुनाथवरप्रदाय नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय ।
पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय ।
मातङ्गचर्मवसनाय महेश्वराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
वसिष्ठेनकृतं स्तोत्रं सर्व दारिद्र्यनाशनम् ।
सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनम् ॥
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के लाभ:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से दरिद्रता, दुख और सभी कष्टों का नाश होता है. कहते हैं कि इस स्तोत्र का रोजाना पाठ करने से आर्थिक समृद्धि, दुर्भाग्य का नाश और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. साथ ही, भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है. आप कर्ज से मुक्ति के लिए नीचे दिए गए स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं|
”मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।
लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।
अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।
धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।
स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।
अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।
ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।
अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।
विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।
पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।
एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा”।।
इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।
Next Story