धर्म-अध्यात्म

Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या के दिन लगाएं ये पौधे, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

Sarita
19 Jun 2025 8:45 AM IST
Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या के दिन लगाएं ये पौधे, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति
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Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। इस दिन लोग गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया स्नान और श्राद्ध, पितरों की आत्मा को तृप्त करता है। पितरों का आशीर्वाद घर परिवार की सात पीढ़ियों को सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन कुछ विशेष पौधों को लगाने से भी ग्रह दोष दूर होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या पर किन पौधों को लगाना शुभ माना जाता है और क्यों |
नीम का पौधा :
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र दोनों में नीम को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली पौधा माना गया है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि आध्यात्मिक और ग्रह दोषों से भी राहत दिलाने वाला है। मान्यता है कि घर में नीम का पौधा होने से राहु और शनि के दुष्प्रभाव से राहत मिलती है।
विशेष रूप से राहु ग्रह के कारण उत्पन्न नौकरी में रुकावट या आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। आषाढ़ अमावस्या पर नीम का पौधा घर के दक्षिण या उत्तर-पश्चिम कोने में लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन नीम की पत्तियों का अर्क जल में मिलाकर स्नान करने से केतु ग्रह की अशांति भी शांत होती है।
पीपल का पौधा :
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो, तो उसके जीवन में सम्मान की हानि, आर्थिक संकट और संतान से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में आषाढ़ अमावस्या के दिन किसी मंदिर या पवित्र स्थान पर पीपल का पौधा लगाना अत्यंत लाभकारी माना गया है। पीपल को देव वृक्ष माना जाता है और इसे लगाने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
आषाढ़ अमावस्या पर नीम और पीपल के पेड़ की पूजा ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल में करना शुभ माना जाता है। इसके लिए पहले पेड़ को गंगाजल से शुद्ध करें। फिर साफ जल से स्नान कराएं। पेड़ के तने पर कुमकुम से तिलक लगाएं और शाम के समय नीम के नीचे चमेली के तेल का दीपक और पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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