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धर्म-अध्यात्म
Ashadh Amavasya 2025:आषाढ़ अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये काम, नाराज हो सकते हैं पितर
Sarita
16 Jun 2025 9:34 AM IST

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Ashadh Amavasya 2025:आषाढ़ मास की शुरुआत हो चुकी है और अब से करीब 15 दिन बाद आषाढ़ महीने की अमावस्या आने वाली है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन को पितरों को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि पर किए गए स्नान, दान और पुण्य कार्यों से न केवल पितृ तृप्त होते हैं, बल्कि व्यक्ति को पापों से मुक्ति और पुण्य फल की प्राप्ति भी होती है।अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, श्राद्ध, तर्पण और पितरों के निमित्त विशेष पूजा-अर्चना करने की परंपरा भी इस दिन निभाई जाती है। आषाढ़ अमावस्या का दिन पितृ कृपा पाने और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि लाने का उत्तम अवसर होता है। जानिए इस साल आषाढ़ अमावस्या कब पड़ रही है और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
आषाढ़ अमावस्या 2025 कब है?
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या आरंभ: 24 जून 2025, सायं 6:59 पर
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या समाप्त: 25 जून 2025, सायं 4:00 बजे पर
इस हिसाब से आषाढ़ अमावस्या की तिथि 25 जून 2025, बुधवार को है।
आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त
सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 5:25 बजे से प्रातः 10:40 बजे तक
पितृ चालीसा, पितृ स्तोत्र और पितृ कवच का पाठ करें। - फोटो : अमर उजाला
पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या करें?
आषाढ़ अमावस्या के दिन पितृ चालीसा, पितृ स्तोत्र और पितृ कवच का पाठ करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करें। इसके बाद गरीब और जरूरतमंदों को दान भी करें।
आषाढ़ अमावस्या के दिन गाय, कौवा, चींटियों और कुत्ता को भोजन कराएं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं।
आषाढ़ अमावस्या के दिन ये काम न करें
आषाढ़ अमावस्या का दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
इसके साथ ही इस दिन कुछ कामों से बचना चाहिए ताकि पितरों की प्रसन्नता बनी रहे और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो।
अमावस्या के दिन शराब, मांसाहार जैसे तामसिक और अशुद्ध पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बचें।
इस दिन किसी से विवाद या झगड़ा न करें और किसी के प्रति नकारात्मक विचार मन में न रखें।
अमावस्या के दिन झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है।
इस दिन बाल काटना और नाखून छीलना भी उचित नहीं होता।
अमावस्या के दिन कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि करने से बचें।
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