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Akshaya Navami 2025: जानें कब मनाई जाएगी अक्षय नवमी,शुभ मुहूर्त महत्व

Sarita
29 Oct 2025 8:40 AM IST
Akshaya Navami 2025: जानें कब  मनाई जाएगी अक्षय नवमी,शुभ मुहूर्त  महत्व
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Akshaya Navami 2025: सनातन परंपरा में कार्तिक मास को सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस महीने में दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों के बाद, कार्तिक पूर्णिमा तक शुभ दिन चलते रहते हैं। इस दौरान पड़ने वाली कार्तिक शुक्ल नवमी को आंवला नवमी या अक्षय नवमी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
अक्षय नवमी कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय नवमी 30 अक्टूबर को सुबह 10:06 बजे शुरू होकर 31 अक्टूबर को सुबह 10:03 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, यह पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन, भक्त सुबह स्नान-ध्यान के बाद व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के साथ आंवले के वृक्ष की पूजा करते हैं।
अक्षय नवमी पर शुभ योग और मुहूर्त:
इस वर्ष अक्षय नवमी पर कई शुभ योग बन रहे हैं। 31 अक्टूबर को सुबह 6:17 बजे से वृद्धि योग, जो उन्नति और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है, पूरे दिन बना रहेगा। रवि योग, जो हर कार्य में सफलता दिलाने वाला माना जाता है, भी पूरे दिन बना रहेगा। इसके अलावा, शिववास योग भी इस दिन को और भी खास बनाता है, जिससे पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
आँवला नवमी का धार्मिक महत्व:
ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और आँवले के वृक्ष की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन आँवले के वृक्ष के नीचे भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान मिलता है।
धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि कार्तिक मास में आँवला अमृत के समान होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन आँवले के वृक्ष से अमृत की बूँदें गिरती हैं, इसलिए इसके नीचे भोजन करना बहुत शुभ माना जाता है।
अक्षय नवमी पर पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, घर में सुख-शांति आती है और कर्मों का फल अक्षय माना जाता है, अर्थात कभी न समाप्त होने वाला। यही कारण है कि इस दिन पूजा करना कार्तिक माह के सबसे पुण्य कार्यों में से एक माना जाता है।
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