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धर्म-अध्यात्म
Akhurath Sankashti , बप्पा को चढ़ाएं उनकी पसंदीदा चीजें, धन-दौलत का आशीर्वाद मिलेगा
Harrison
6 Dec 2025 7:56 PM IST

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Religio Spirituality,धर्म अध्यात्म : हिंदू धर्म में भगवान गणेश की पूजा को अत्यंत शुभ माना जाता है। खासकर संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को चढ़ाए गए प्रसाद और भक्ति का विशेष महत्व है। इस बार, अखुरथ संकष्टी पर भक्तों को यह अवसर मिल रहा है कि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान गणेश को उनकी प्रिय चीजें अर्पित करें और जीवन में समृद्धि, धन-दौलत और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त करें।
अखुरथ संकष्टी का पर्व प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इसे ‘संकष्टी चतुर्थी’ भी कहा जाता है। यह दिन विशेष रूप से गणेशजी को प्रसन्न करने और विघ्न निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश का व्रत रखने और उन्हें उनकी पसंदीदा चीजें अर्पित करने से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गणेशजी को अर्पित की जाने वाली चीजें उनकी पसंद के अनुसार होनी चाहिए। इनमें हलवा, लड्डू, मोदक, फल, मेवे और ताजे फूल शामिल हैं। इन चीजों को साफ-सुथरे स्थान पर रखें और भक्ति भाव से अर्पित करें। यह न केवल धार्मिक परंपरा का पालन है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करता है।
अखुरथ संकष्टी व्रत का महत्व केवल भौतिक लाभ तक सीमित नहीं है। यह व्रत भक्तों के जीवन में मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा लाने का माध्यम भी माना जाता है। व्रत के दौरान उपवास रखने वाले भक्त दिनभर हल्का भोजन या फलाहार करते हैं और शाम को भगवान गणेश को प्रसाद अर्पित करते हैं। यह परंपरा यह सिखाती है कि संयम, भक्ति और श्रद्धा से जीवन में संतुलन और खुशहाली आती है।
धार्मिक विद्वानों का कहना है कि इस दिन गणेशजी की पूजा में ध्यान, मंत्र जप और उनका प्रिय भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है। मंत्रों का उच्चारण करते समय मन को एकाग्र और शुद्ध रखना चाहिए। इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन से बाधाएं दूर होती हैं।
साथ ही, अखुरथ संकष्टी के दिन बप्पा को उनकी प्रिय चीजें अर्पित करने का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन की वृद्धि और पारिवारिक समस्याओं का निवारण होता है। पुरानी परंपराओं में इसे विशेष रूप से समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
भक्त इस दिन अपने घर में गणेशजी की स्थापना कर सकते हैं और उनके सामने दीपक जलाकर, फूल और प्रसाद चढ़ाकर आराधना कर सकते हैं। पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण जैसे "ॐ गं गणपतये नमः" विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा, व्रत के दौरान सदैव सकारात्मक सोच रखना और दूसरों के प्रति दया और करुणा भाव रखना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।
अखुरथ संकष्टी का यह पर्व समाज में आपसी मेल-जोल, भाईचारा और परिवार के बीच आपसी सम्मान बढ़ाने का भी अवसर प्रदान करता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आध्यात्मिक रूप से जीवन में स्थिरता और समृद्धि लाने वाला अवसर भी है।
इसलिए इस संकष्टी पर श्रद्धा और भक्ति के साथ बप्पा को उनकी पसंदीदा चीजें अर्पित करें। यह न केवल आध्यात्मिक शांति देगा, बल्कि जीवन में धन, सुख और समृद्धि का मार्ग भी खोलेगा। भक्तों का मानना है कि अखुरथ संकष्टी पर सही प्रकार से पूजा करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कठिन कार्य आसान हो जाते हैं।
अखुरथ संकष्टी के इस पावन अवसर पर, अपने घर में भगवान गणेश की पूजा कर उनकी प्रिय चीजें अर्पित करें और जीवन में सुख-समृद्धि, धन और खुशहाली के आशीर्वाद प्राप्त करें।
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