धर्म-अध्यात्म

Ahoi Ashtami चंद्रोदय व तारों को अर्घ्य देने का समय — शहर अनुसार जानें सही मुहूर्त

Harrison
13 Oct 2025 7:29 PM IST
Ahoi Ashtami चंद्रोदय व तारों को अर्घ्य देने का समय — शहर अनुसार जानें सही मुहूर्त
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : अहोई अष्टमी का व्रत, जो माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए रखती हैं, शाम को तारों व चांद को अर्घ्य देने के बाद ही पारित होता है। इस वर्ष 2025 में इस व्रत का समय व पूजा मुहूर्त निम्नलिखित है — लेकिन ध्यान रहे कि चंद्रोदय व तारों का समय आपके शहर की भौगोलिक स्थिति तथा स्थानीय पंचांग पर निर्भर करेगा।
पूजा व्रत और शुभ मुहूर्त
Ashtami तिथि 13 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:24 बजे प्रारंभ होगी।
यह तिथि अगले दिन 14 अक्टूबर को सुबह 11:09 बजे तक चलेगी।
इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम 5:53 से शाम 7:08 बजे तक माना गया है।
पूजा विधि में शाम को माता की आराधना के बाद तारों (और कभी-कभी चंद्रमा) को अर्घ्य देने का विधान है।
तारे कब दी जाएँ अर्घ्य?
अहोई अष्टमी पर अधिकांश मतों के अनुसार व्रत का पारण तारों को देखकर किया जाता है।
2025 में तारे निकलने का समय लगभग शाम 6:17 बजे का अनुमान है।
कुछ रिपोर्टों में यह 6:23 बजे के आसपास भी दिया गया है।
इस समय पर अर्घ्य देना व्रत पूरा करने का मुख्य तरीका है।
चंद्रोदय — चांद कब उगेगा?
कई श्रद्धालु चंद्रमा दिखाई देने पर व्रत खोलते हैं। इस साल 2025 में:
चंद्रोदय (मूनराइज) का समय लगभग रात 11:20 बजे माना गया है।
कुछ विश्लेषण और समाचारों में दिल्ली व अन्य शहरों के लिए 11:20 बजे का ही समय दिया गया है।
अन्य स्रोतों में यह समय अलग भी दिखाया गया है — जैसे कुछ स्थानों पर 11:56 पीएम तक चंद्रमा उगने का बताया गया है।
इसलिए यदि आप चंद्रमा को देखकर व्रत खोलना चाहती हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग या पंडितजी से चंद्रोदय समय की पुष्टि करना उत्तम रहेगा।
शहरानुसार समय की विविधता
चूंकि चंद्रमा और तारों की उदय समय अक्षांश-देशांतर और मौसम के आधार पर बदलती है, हर शहर में समय अलग हो सकता है। उदाहरण स्वरूप:
नई दिल्ली — चंद्रोदय करीब रात 11:20 बजे
मुंबई — चांद लगभग 12:02 बजे (मध्यरात्रि) तक दिखने की संभावना |
अन्य शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, पटना आदि के लिए अलग-अलग समय सूचीबद्ध हैं।
इन समयांकों का उपयोग करते समय यह ध्यान दें कि ये अनुमानित हैं और स्थानीय जिलो की आकाशीय स्थिति प्रभावित कर सकती है।
कैसे करें समय का उपयोग:
स्थानीय पंचांग देखें — वह आपके जिले व सूर्योदय, सूर्यास्त आधार पर सटीक समय बताएगा।
पूजा अवधि में पूजा कर लें — शाम 5:53 से 7:08 बजे तक पूजा करना विदित समय है।
तारों दिखते ही अर्घ्य दें — यदि आप परंपरा अनुसार व्रत खोलना चाहती हैं।
चंद्रमा दिखाई देने पर अर्घ्य व व्रत पारण करें — यदि आपकी मान्यता उसी पर आधारित हो।
समय में थोड़ी लचीलापन रखें — बादलों या मौसम कारण अंतर हो सकता है।
अहोई अष्टमी 2025 में व्रत पारण समय की भूमिका तारों और चंद्रमा की दृश्यता पर निर्भर करती है। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:53 से 7:08 बजे तक निर्धारित है, तारों को अर्घ्य देने का अनुमानित समय शाम 6:17 बजे है, जबकि चंद्रोदय रात 11:20 बजे के करीब हो सकता है। फिर भी, आपके स्थान के अनुसार समय में भिन्नता हो सकती है — इसलिए अपने स्थानीय पंचांग व पंडितजी से सटीक समय अवश्य पूछें, ताकि व्रत विधिसमय और श्रद्धा से हो सके।
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