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कछुए वाली अंगूठी बदल सकती है किस्मत जानिए इसे पहनने के शुभ नियम

Ashish verma
19 Aug 2026 12:15 PM IST
कछुए वाली अंगूठी बदल सकती है किस्मत जानिए इसे पहनने के शुभ नियम
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Religion धर्म : कछुए वाली अंगूठी पहनने के नियम: सुख-समृद्धि और धन आकर्षण के लिए जानें सही तरीका

कछुए वाली अंगूठी यानी टॉरटॉइस रिंग (Tortoise Ring) को वास्तु और ज्योतिष मान्यताओं में काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसे धारण करने से जीवन में स्थिरता, सुख, समृद्धि और शांति आती है। कई लोग इसे धन आकर्षित करने और आर्थिक परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से पहनते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कछुए का संबंध भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से माना जाता है, इसलिए इसे शुभता और संरक्षण का प्रतीक भी माना जाता है।

ज्योतिष के अनुसार कछुए वाली अंगूठी पहनने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होती है। वहीं कुछ मान्यताओं में इसे चंद्रमा और शुक्र ग्रह को मजबूत करने वाला भी बताया गया है। हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

कछुए वाली अंगूठी पहनने का सही दिन

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार कछुए वाली अंगूठी पहनने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से माना जाता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया, धनतेरस या किसी शुभ मुहूर्त में भी इसे धारण किया जा सकता है।

अंगूठी पहनने से पहले इसे साफ पानी से धोकर शुद्ध करने की परंपरा है। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करके इसे धारण किया जाता है। कुछ लोग इसे दूध या गंगाजल से शुद्ध करने की परंपरा भी निभाते हैं।

किस उंगली में पहननी चाहिए कछुए वाली अंगूठी

मान्यताओं के अनुसार कछुए वाली अंगूठी को दाहिने हाथ की मध्यमा या अनामिका उंगली में पहनना शुभ माना जाता है। हालांकि, कुछ ज्योतिष विशेषज्ञ इसे पहनने से पहले व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति देखने की सलाह देते हैं।

कछुए का मुंह किस दिशा में हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने की बात कही जाती है। मान्यता है कि अंगूठी में बने कछुए का मुंह हमेशा पहनने वाले व्यक्ति की ओर होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे ऊर्जा व्यक्ति की ओर आकर्षित होती है और धन संबंधी सकारात्मकता बढ़ती है।

चांदी की कछुआ अंगूठी मानी जाती है शुभ

ज्योतिष में चांदी को चंद्रमा से संबंधित धातु माना जाता है। इसलिए कई लोग चांदी की कछुए वाली अंगूठी पहनना पसंद करते हैं। इसके अलावा सोने या अन्य धातुओं में बनी अंगूठियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि, मान्यताओं के अनुसार धातु का चुनाव व्यक्ति की जरूरत और ज्योतिषीय सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए।

कछुए वाली अंगूठी पहनने के फायदे

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कछुए वाली अंगूठी पहनने से कई शुभ प्रभाव बताए जाते हैं।

आर्थिक स्थिति में सुधार आने की मान्यता है।

धन की बचत और स्थिरता बढ़ने में मदद मिलती है।

घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है।

वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ने की मान्यता है।

नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होने की बात कही जाती है।

आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच में वृद्धि होने का विश्वास है।

पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान

कछुए वाली अंगूठी पहनते समय कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। इसे पहनने के बाद बार-बार उतारना नहीं चाहिए। अंगूठी को हमेशा साफ रखना चाहिए ताकि उसकी सकारात्मकता बनी रहे। इसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति की पहनी हुई अंगूठी को बिना शुद्ध किए नहीं पहनना चाहिए।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हर व्यक्ति के लिए एक ही उपाय समान रूप से प्रभावी नहीं होता। इसलिए किसी भी रत्न या ज्योतिषीय वस्तु को धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

कुल मिलाकर, कछुए वाली अंगूठी को भारतीय परंपराओं में शुभ प्रतीक माना जाता है। इसे लोग धन, स्थिरता और सुख-समृद्धि की कामना से धारण करते हैं। हालांकि, इसके प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और इसे धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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