
कर्नाटक: कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे कैबिनेट विस्तार को लेकर अब सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा तैयार की गई नए मंत्रियों की संभावित सूची को कांग्रेस हाईकमान से सोमवार को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई दौर की बैठकों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रालय में शामिल किए जाने वाले विधायकों के नामों की एक सूची तैयार कर कांग्रेस नेतृत्व को सौंप दी है। इस सूची पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा हो चुकी है और अब केवल औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। कांग्रेस हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही नए मंत्रियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार ने करीब 20 विधायकों के नामों को संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल किया है। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। पार्टी इस विस्तार के जरिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। अब हाईकमान की मंजूरी के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला सोमवार दोपहर तक मंजूरी प्राप्त सूची के साथ बेंगलुरु पहुंच सकते हैं। उनके पहुंचने के बाद नए मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम तय होने की उम्मीद है।
कैबिनेट विस्तार के लिए लोक भवन में तैयारियां भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। संभावना है कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक समारोह के समय को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब दो महीने बाद होने वाले इस विस्तार के जरिए सरकार में नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। इससे पार्टी के अंदर संतुलन बनाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों की तैयारी में मदद मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक मंत्रिमंडल में कुल 20 पद खाली हैं। इनमें से करीब 18 पदों को भरने की संभावना जताई जा रही है, जबकि दो पद भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक जरूरतों को देखते हुए खाली रखे जा सकते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों और क्षेत्रों को संतुलित करना है। कर्नाटक में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में हाईकमान को जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना होगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस सरकार अपने संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने की कोशिश करेगी। नए मंत्रियों को जिम्मेदारी देकर सरकार प्रशासनिक कामकाज को और गति देने की योजना बना रही है।
अब सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। मंजूरी मिलते ही कर्नाटक सरकार में नए मंत्रियों की एंट्री होगी और राज्य की राजनीति में नई तस्वीर देखने को मिलेगी।





