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दुर्ग में 25 नवंबर को 43,878.84 मे.टन धान की खरीदी, 8,367 किसानों ने लाभ उठाया

Shantanu Roy
25 Nov 2025 6:46 PM IST
दुर्ग में 25 नवंबर को 43,878.84 मे.टन धान की खरीदी, 8,367 किसानों ने लाभ उठाया
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Durg. दुर्ग। जिले में धान खरीदी कार्य तेजी से जारी है। 25 नवम्बर 2025 को जिले की 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 102 उपार्जन केन्द्रों में कुल 43,878.84 मे.टन धान की खरीदी की गई। इस खरीदी में 8,367 किसानों ने भाग लिया और अपने उत्पाद को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचकर लाभ प्राप्त किया। जिले में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 1,12,446 है। इस वर्ष धान खरीदी हेतु अनुमानित लक्ष्य 6,16,435 मे.टन निर्धारित किया गया है। जिले में धान उत्पादन में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने उपार्जन केन्द्रों में समुचित प्रबंध किए हैं ताकि किसानों को सुविधा के साथ समय पर भुगतान किया जा सके और खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

धान खरीदी के दौरान जिला प्रशासन ने गुणवत्ता जांच, वजन मापन और भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखा। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर आवश्यक उपकरण और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य और त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के कृषि अधिकारियों ने बताया कि खरीदी का कार्य तेजी से चल रहा है और सभी उपार्जन केन्द्रों में व्यवस्थाएं समय पर की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष के धान खरीदी अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य देना और उन्हें कृषि गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करना है।

साथ ही, यह खरीदी अभियान जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सरकारी अन्न भंडार में पर्याप्त स्टॉक रखने में मदद करेगा। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और स्थान पर ही धान बेचें, ताकि उपार्जन केन्द्रों में भीड़ से बचा जा सके और सभी किसानों को सुविधा मिल सके। इसके अलावा, किसानों को उनके उत्पाद की गुणवत्ता और वजन पर ध्यान देने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी का यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी के समय किसानों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि रहेगी। सभी उपार्जन केन्द्रों में कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। इस अभियान से जिले के किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र में उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह खरीदी किसानों और प्रशासन के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।
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