आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में यहां बैठने का साहस नहीं, राहुल गांधी के भाषण पर फिर हंगामा

दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एंटी पेपर लीक बिल पर बोल रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा. बीजेपी में भी जो लोग हैं, हमारे उन मित्रों को जाकर अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि क्या गलत हुआ. आंदोलन से बीजेपी नेताओं के बच्चे भी सहमत होंगे. प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी. देश के युवाओं का सम्मान होना चाहिए. छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है. वे हमारे देश का भविष्य हैं. छात्रों की भावनाओं को देश ने समझा. युवाओं का गुस्सा जायज है. युवाओं को आप इडियट कहते हैं. छात्रों पर हर भारतीय को गर्व है. छात्र समझ रहे हैं कि दुनिया कैसे बदल रही है.युवा सच्चाई के पीछे दौड़ता रहता है. उसके लिए सच्चाई मीठी होती है.युवा खुले दिल, खुले विचारों के हैं. जिसे सीखने की ललक है, वही छात्र है.
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है. उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त. ये तीन कैटेगरी हैं. छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं. स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है. वर्षों पढ़ते हैं. इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल नहीं करते हैं. ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं. इसे एक्सपंज किया जाए. स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं. इस पर स्पीकर ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है. एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है. अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं.
स्पीकर ने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और पूछा कि अगर नहीं बोलने चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊं. ऐसे मौके हमने पहले भी देखे हैं इसी सदन में जब आप नेता सदन को बोलने नहीं देते. किरेन रिजिजू ने कहा कि अच्छी डिबेट चल रही है, आप ऐसी परिस्थिति मत खड़ा कीजिए. प्रधानमंत्री को कई बार बोलने नहीं दिया. आज तो आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. आपके शब्द पर आपत्ति है. इतना ही तो है. आप इमोशनल चेहरा दिखाकर गुमराह नहीं कर सकते. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल किसी के लिए नहीं किया है, बस कैटेगरी बताई है जो है. अगर आप लोग चाहते हैं कि यहां सिर्फ बीजेपी बोले, तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं. कोई दिक्कत नहीं है. जब भी बोलता हूं, रिजिजू जी खड़े हो जाते हैं. आप उनको जगह दे रहे हैं. स्पीकर ने इस पर कहा कि सदन में अच्छी व्यवस्थाएं, मर्यादाएं रही हैं. हमें अच्छी मर्यादा बनाने का प्रयास करना चाहिए. जो सदन में मर्यादा तर्क से बोलता है, देश भी सुनता है और सम्मान भी करता है. शब्दों का चयन ऐसा हो, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप हो. राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शब्द का उपयोग नेता प्रतिपक्ष ने किया है, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाए. राहुल गांधी को सुना जाए.
राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है. ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे हो रहा है. 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं. निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था. राहुल गांधी ने कहा कि हमने गृह मंत्री को कार केड में देखा. वह कहां हैं. उनमें सदन में बैठने का साहस नहीं है. स्पीकर ने कहा कि जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उसके मंत्री यहां बैठे हैं. आज होम मिनिस्ट्री पर चर्चा नहीं है. जिस विधेयक पर चर्चा है, उसके मंत्री बैठे हैं. यही व्यवस्था रहती है सदन के अंदर. राहुल गांधी ने कहा कि आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें. इस पर लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बहुत गलत बात राहुल गांधी ने बोली है. ऐसा नहीं बोल सकते. किस बेस पर ये बात बोली है. आपको फायरिंग के आदेश की बात किसने बताई. ट्रेजरी बेंच से राहुल गांधी के माफी मांगने की मांग उठी, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्षी सदस्य गृह मंत्री के माफी मांगने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं.





