
यूपी। घरेलू कलह में जान गंवाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले साल दिसम्बर में बेंगलुरु की एक आईटी फर्म में काम करने वाले और तलाक के मुकदमे से गुजर रहे अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न और कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाते हुए जान दी थी। तब से अभी तक जानें कितनी घटनाएं हो चुकी हैं। इस बीच हमीरपुर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां शादी के दो साल बाद ही एक युवक ने सोमवार को जहर खाकर जान दे दी। आरोप है कि चार महीने से मायके में रह रही पत्नी से फोन पर उसका विवाद हुआ था। परिजनों के मुताबिक पत्नी ने उससे कह दिया था कि मर जाओ तो मुझे छुटकारा मिल जाए। इसी वजह से उसने जान दे दी।
सदर कोतवाली के शीतलपुर गांव निवासी 25 वर्षीय संजय अहिरवार की शादी एक मई 2023 को महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। तब संजय दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। शादी के बाद संजय यहीं आकर ई-रिक्शा चलाने लगा था। उसके एक साल की बेटी भी है। संजय के पिता शिवबरन ने बताया कि होली में उसकी पत्नी मायके चली गई थी और तब से लौटी नहीं। हालांकि बेटे की फोन पर बात होती थी।
उसने कई बार पत्नी से वापस आने को कहा, लेकिन वह मानी नहीं। सोमवार सुबह भी बेटे की बहू से बात हुई थी। तब बेटे संजय ने बताया था कि पत्नी ने उससे कहा कि जहर खाकर मर जाओ तो उसे छुटकारा मिल जाए। इसके बाद बेटा चला गया। दोपहर दो बजे के आसपास उसने जहर खा लिया। शाम पांच बजे जब इसकी जानकारी हुई तो जिला अस्पताल ले गए। शाम छह बजे संजय को कानपुर रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले नौबस्ता कानपुर में उसकी मौत हो गई। पत्नी की बातों से आहत होकर जान देने वाला शीतलपुर गांव का रहने वाला संजय अहिरवार का रिश्ता दो साल भी ठीक से न चल सका। आपसी विवाद के चलते पत्नी चार माह से महोबा के चरखारी थाना क्षेत्र के गांव स्थित अपने मायके में रह रही थी। संजय के पिता शिवबरन ने बताया कि बेटा शादी के कुछ समय बाद से दिल्ली की प्राइवेट नौकरी छोड़कर घर आ गया था। तभी से यहीं पर ई-रिक्शा चला रहा था।





