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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। झांसी-कानपुर हाईवे पर एक किसान का शव करीब दो दिनों तक पड़ा रहा और इस दौरान सैकड़ों वाहन उसके ऊपर से गुजरते रहे। लगातार वाहनों के गुजरने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर सड़क से चिपक गया। जब परिवार ने लापता व्यक्ति की तलाश शुरू की, तब बेटे ने सड़क पर पड़ी चप्पल और कपड़ों के आधार पर अपने पिता की पहचान की। शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसके अवशेषों को सड़क से खुरचकर निकालना पड़ा।
खेत जाने के बाद घर नहीं लौटे किसान
मृतक की पहचान 56 वर्षीय जगमोहन तिवारी के रूप में हुई है। वह झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के महाराजगंज के रहने वाले थे और खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार के अनुसार, 9 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे जगमोहन तिवारी अपने घर से निकले थे। वह झांसी-कानपुर हाईवे के किनारे स्थित खेत पर गए थे। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। देर रात तक उनके नहीं लौटने पर पत्नी रागनी ने सोचा कि वह खेत पर ही रुक गए होंगे। परिवार के मुताबिक, जगमोहन पहले भी कई बार खेत पर रुक जाते थे। इसी वजह से शुरुआत में परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई।
बेटे ने चप्पल और कपड़ों से पहचाना शव
रविवार को घर लौटे बेटे को जब पिता के लापता होने की जानकारी मिली, तो उसने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान हाईवे पर उसे कुछ कपड़े और चप्पल दिखाई दिए। इन सामानों को देखकर बेटे को संदेह हुआ। जब उसने ध्यान से देखा, तो चप्पल और कपड़ों के आधार पर पिता की पहचान की। परिवार के लिए यह दृश्य बेहद पीड़ादायक था। जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही थी, उसका शव हाईवे पर बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला।
सड़क से खुरचकर निकाले गए शव के अवशेष
जानकारी के मुताबिक, हाईवे पर लगातार वाहनों के गुजरने के कारण शव सड़क से चिपक गया था। शव को सामान्य तरीके से उठाना संभव नहीं था। इसके बाद शव के अवशेषों को सड़क से खुरचकर एकत्र किया गया। अवशेषों को एक छोटी गठरी में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बताया गया है कि हाईवे पर सड़क मरम्मत का काम चल रहा था। इसी बीच शव करीब दो दिनों तक वहां पड़ा रहा। हालांकि, इस दौरान शव पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी
जगमोहन तिवारी के परिवार में पत्नी रागनी, दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़े बेटे सागर और बेटी प्राची की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा आयुष्य अविवाहित है। पिता की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जगमोहन तिवारी किस वाहन की चपेट में आए या उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मौत के कारणों के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
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