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छुट्टियों के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, हंगामे के बाद भाजपा विधायकों ने किया वॉकआउट

jantaserishta.com
22 Sept 2026 4:04 PM IST
छुट्टियों के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, हंगामे के बाद भाजपा विधायकों ने किया वॉकआउट
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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकारी छुट्टियों और ऐतिहासिक दिवसों को लेकर सदन में जोरदार बहस हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर मिलने वाली सरकारी छुट्टी को रद्द करने या शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती और पुण्यतिथि पर छुट्टियां बहाल करने की मांग रखी। इस मांग के बाद भाजपा विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया। भाजपा सदस्यों ने महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारे लगाए और छुट्टी रद्द करने की मांग पर आपत्ति जताई।
वहीं, पीडीपी विधायक वहीद पारा ने 13 जुलाई को मनाए जाने वाले 1931 के शहीद दिवस को फिर से सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग की। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील की।
महाराजा हरि सिंह जयंती पर बड़ा मुद्दा
विधानसभा में एनसी विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर निर्धारित सरकारी छुट्टी को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने इस अवकाश को खत्म करने या फिर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती और पुण्यतिथि पर पहले की तरह छुट्टियां बहाल करने की मांग की। मौजूदा विधानसभा कैलेंडर में 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर अवकाश निर्धारित है।
भाजपा विधायकों ने जताया विरोध
लारमी की मांग सामने आते ही भाजपा विधायकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सदन में भाजपा नेताओं ने महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारेबाजी की।
भाजपा विधायक पवन गुप्ता समेत अन्य सदस्यों ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर घोषित छुट्टी को रद्द करने की मांग पर आपत्ति जताई। दूसरी ओर, एनसी के नेताओं ने शेख अब्दुल्ला से जुड़े अवकाश दोबारा बहाल करने की मांग का समर्थन किया। इस मुद्दे पर सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
1931 शहीद दिवस की छुट्टी बहाल करने की मांग
पीडीपी विधायक वहीद पारा ने भी सरकारी छुट्टियों से जुड़े एक अन्य मुद्दे को विधानसभा में उठाया। उन्होंने 13 जुलाई को मनाए जाने वाले 1931 के शहीद दिवस को दोबारा राज्य अवकाश घोषित करने की मांग की। पारा ने कहा कि यह दिन जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक जागृति से जुड़ा हुआ है और इसे फिर सरकारी छुट्टी बनाया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर भी सदन में सदस्यों के बीच बहस हुई।
अध्यक्ष ने कहा- शोर से समाधान नहीं होगा
लगातार हो रहे हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही आगे बढ़ने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की भावनाओं को सुना गया है, लेकिन शोर-शराबे से किसी मुद्दे का समाधान नहीं होगा। अध्यक्ष ने कहा कि अगर सदस्य इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करना चाहते हैं तो इसके लिए आगे समय दिया जा सकता है। फिलहाल उन्होंने सूचीबद्ध कार्यवाही चलने देने को कहा।
भाजपा विधायकों ने किया वॉकआउट
हंगामा जारी रहने के बाद भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन से बाहर चले गए। बाहर निकलते समय कांग्रेस विधायक युद्धवीर सेठी के साथ भाजपा सदस्यों की तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, युद्धवीर सेठी सदन में ही बैठे रहे और बाद में अपने सवाल का जवाब सुना।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटनाक्रम पर कहा कि जो विधायक लोगों के मुद्दे उठाने के लिए सदन में आते हैं और जो वॉकआउट करते हैं, उनके बीच यही अंतर है। बाद में भाजपा विधायक सदन में वापस लौट आए।
बिजली मुद्दे पर भी हुआ हंगामा
इसके बाद पावर एमनेस्टी से जुड़े विधायक मेहराज मलिक के पूरक सवाल का जवाब नहीं मिलने पर भाजपा सदस्यों ने फिर हंगामा किया।
मेहराज मलिक ने सदन के वेल में जाने की कोशिश की, लेकिन मार्शलों ने उन्हें रोक दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर लौटने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी दी। इसके बाद मेहराज मलिक सदन से बाहर चले गए।
बिजली-पानी की समस्याओं पर भी सरकार को घेरा
पूरे घटनाक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने बिजली-पानी समेत दूसरी जनसमस्याओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही तय नियमों और रूल ऑफ बिजनेस के अनुसार ही संचालित की जाएगी।
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