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माफिया का अड्डा बना ऊना, आए दिन वारदातें

Shantanu Roy
9 Nov 2025 3:35 PM IST
माफिया का अड्डा बना ऊना, आए दिन वारदातें
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Una. ऊना। जिला ऊना अवैध धंधे करने वालों का अड्डा बन गया है। ऊना में आए दिन गोलियां चल रही हैं। कारोबारियों से फिरौतियां मांगी जा रही हैं। प्रशासन राजनीतिक दबाव के चलते हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यह बात ऊना सदर से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शनिवार को जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कहीं। सत्ती ने कहा कि ऊना में फिरौतियां मांगने वाले अलग-अलग गिरोह सक्रिय हो गए हैं। इसमें पड़ोसी राज्यों के लोग है। अब धीरे-धीरे क्षेत्र के नौजवान भी उनसे मिल रहे हैं। अगर समय रहते पुलिस ने माफिया पर कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में ऊना में स्थिति भयावह हो सकती है।

ऊना में भी पंजाब की तरफ थाना व चौकियों में पुलिस पर हमले होना शुरू हो जाएंगे। सतपाल सत्ती ने कहा कि तीन साल पहले ऊना पुलिस ने संतोषगढ़ में सट्टा माफिया के खिलाफ रेड की थी। माफिया ने उस समय पुलिस टीम को बंधक बना लिया था। उस समय एसपी ने स्वयं जाकर शटर उठाकर पुलिस कर्मियों को बाहर निकालना पड़ा था। उस समय उक्त लोगों पर कोई ठोस केस नहीं बना। इससे इन लोगों के हौसले खुल गए। इसके बाद से अलग-अलग घटनाएं ऊना में हो रही है। मैहतपुर में एक ही दुकान पर पुलिस ने दो बार सट्टा पर्चियों सहित कुल 10 लाख 40 हजार रुपए पकड़े। इसमें पंजाब के लोगों सहित एक कांग्रेस पदाधिकारियों को भी पकड़ा गया था, लेकिन सीआईए टीम को ही भंग
कर दिया गया।

पुलिस कर्मियों को अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया। सत्ती ने कहा कि चार साल पहले पेखूबेला में एक व्यक्ति से 11 बोतल शराब बरामद हुई है। उस समय कांग्रेस विधायक की गाड़ी में उनके लोग उक्त व्यक्ति को छुडाने पहुंच जाते है। सत्ती ने कहा कि कुछ दिन पहले बहडाला में रेत माफिया की लड़ाई होती है। इसके बाद जखेड़ा में एक शादी समारोह में युवक पर गोली चल गई। पुलिस प्रशासन अभी तक यह पता नहीं चला पाई कि गोली किसने चलाई थी। इसके बाद देहलां में एक दुकान के बाहर मिले देसी कट्टा की पुलिस को जानकारी देने वाले युवक को माफिया के लोग अगवा कर लेते हैं। अधमरा कर फेंक जाते हैं।

उक्त युवक ने पुलिस को कुछ युवकों के नाम भी बताएं, इसके बाद भी पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई। सत्ती ने कहा कि रेत माफिया के लोग फतेहपुर गांव में हर रात 50 लाख रुपए का रेत बेच रहे है। वसूली करने वाले इसमें हिस्सा ले रहे हंै। रक्कड़ कालोनी व भड़ोलियां के लोग वहां जाकर पूरा हिसाब ले रहे हैं। माइनिंग अधिकारी एक बार भी वहां जाकर रेड नहीं करता। एसपी-डीसी ने वहां पर जाकर अवैध खनन में संलिप्त वाहन पकड़े। जिला ऊना अवैध धंधे करने वालों का अड्डा बन गया है। ऊना में आए दिन गोलियां चल रही हैं। कारोबारियों से फिरौतियां मांगी जा रही हैं। सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चिट्टे के खिलाफ अभियान छेड़ा है। अगर मन से कार्रवाई करेंगे तो किसी में हिम्मत नहीं चिट्टा बेचने की। अब अकेला चिटटा मत बोलों, कट्टा माफिया को भी अपने सिलेब्स में जोड़़ लें। ऊना में कट्टा माफिया भी सक्रिय है।
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