
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान आज आधिकारिक भारत दौरे पर आएंगे. यह दौरा भारत-UAE संबंधों में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. राष्ट्रपति बनने के बाद यह शेख मोहम्मद बिन जायद की भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि बीते एक दशक में यह उनका पांचवां भारत दौरा है. यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक भरोसे की मिसाल है. हाल के वर्षों में भारत और UAE के बीच लगातार उच्चस्तरीय दौरे हुए हैं. सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद और अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस और UAE के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भारत आए थे.
भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 से 15 दिसंबर 2025 तक अबू धाबी का दौरा किया, जहां उन्होंने 16वीं भारत-यूएई संयुक्त आयोग बैठक और 5वें रणनीतिक संवाद की सह-अध्यक्षता की. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 के अंत और 2024 के दौरान कई बार यूएई का दौरा किया, जिनमें फरवरी 2024 की ऐतिहासिक यात्रा शामिल है, जब उन्होंने अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया था. दोनों देशों के नेताओं की हालिया मुलाकात जून 2024 में इटली में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई.
भारत और UAE के संबंध राजनीतिक समझ, सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत आर्थिक सहयोग पर आधारित हैं. UAE भारत के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदारों में शामिल है. दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA), लोकल करेंसी सेटलमेंट सिस्टम और द्विपक्षीय निवेश संधि जैसे समझौतों ने रिश्तों को और मजबूती दी है. ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देता है.





