
दिल्ली। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पत्रकारों से बात कर ही रहे थे, जब यह खबर आई कि राष्ट्रपति ट्रम्प मध्य पूर्व में उभरते संकट से निपटने के लिए समय से पहले रवाना हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका युद्धविराम करा पाते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी। फ्रांस इसका समर्थन करेगा।
जब उनसे पूछा गया कि वह ट्रम्प की जल्दबाजी में वापसी को कैसे देखते हैं, तो मैक्रों ने कहा कि अमेरिका की ओर से सीजफायर को लेकर कुछ प्रस्ताव आए हैं, जो बातचीत की राह खोल सकते हैं। मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम है।
व्हाइट हाउस ने मंगलवा सुबह बताया कि मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ट्रम्प ने यह फैसला लिया है। हालांकि, अपने बयान में ईरान-इजरायल जंग का जिक्र नहीं किया है। इस बीच ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा- ईरान को परमाणु 'समझौते' पर हस्ताक्षर करने चाहिए। ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं रख सकता है। मैंने यह बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए। समिट के पहले दिन सभी 7 सदस्य देश ने इजराइल-ईरान संघर्ष विराम पर एक राय बनाने के लिए प्रस्ताव लाने की कोशिश की, लेकिन ट्रम्प जी7 के जॉइंट बयान पर साइन करने को तैयार नहीं है। इस बीच पीएम मोदी कनाडा पहुंच गए हैं।





