
x
TMC. टीएमसी। डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में आर्थो विभाग में टूटी टांग के लिगामेंट आपरेशन न होने से मरीज परेशान हैं। प्रदेश के दूसरे बड़े अस्पताल में लिगामेंट आपरेशन के लिए गरीब मरीजों को लाखों रुपए खर्चकर प्राइवेट अस्पताल या बाहरी राज्यों का रुख करने को मजबूर होना पड़ रहा है। 18 साल पहले 2007 से टीएमसी की शुरुआत होने के बाद अभी तक यहां टांग टूटने के बाद आर्थोस्कोपिक लिगामेंट के आपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। 18 साल का अरसा बीत जाने के बाद भी टीएमसी में एक भी डाक्टर आर्थोस्कोपिक लिगामेंट के आपरेशन के लिए ट्रेंड नहीं हो सका है। हालांकि विभाग ने दो डाक्टरों के नाम आर्थोस्कोपिक लिगामेंट के आपरेशन की ट्रेनिंग के लिए भेजे हैं।
हैरानी की बात है कि टांडा अस्पताल में आधे प्रदेश की लगभग 30 लाख की आबादी, जिसमें चंबा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू और 15 लाख की आबादी वाले सबसे बड़े जिला कांगड़ा के मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में टूटी टांग के मरीज जब टांडा अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं, तो आर्थोस्कोपिक लिगामेंट के आपरेशन की सुविधा न मिलने से बहुत निराश महसूस करते हैं। वहीं पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेंट पुनर्निर्माण एक चोट के बाद अपने कार्य को बहाल करने के लिए घुटने में स्थित पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेंट का सर्जिकल ऊतक ग्राफ्ट प्रतिस्थापन है।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश हिंदीहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh HindiHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Update
Next Story





