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मतगणना से पहले बंगाल में मारपीट, TMC और BJP एजेंट भिड़े

Nilmani Pal
4 May 2026 7:25 AM IST
मतगणना से पहले बंगाल में मारपीट, TMC और BJP एजेंट भिड़े
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बंगाल। भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र के सखावत मेमोरियल स्कूल में काउंटिंग सेंटर के बाहर TMC और BJP के काउंटिंग एजेंटों के बीच बहस हो गई। BJP के एक काउंटिंग एजेंट का ने कहा, 'उनके पास ID कार्ड नहीं हैं। हमने अपने ID कार्ड पहने हुए हैं। वे बेवजह हंगामा कर रहे हैं। BJP पश्चिम बंगाल और भवानीपुर में भी बहुमत से जीत रही है...।' खास बात है कि इस सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला है।

पश्चिम बंगाल की सत्ता का भविष्य आज ईवीएम मशीनों से बाहर आने वाला है। सोमवार, 4 मई की सुबह के साथ ही राज्य की 293 सीटों पर मतों की गिनती का निर्णायक दौर शुरू होने जा रहा है है, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल की कमान अगले पांच वर्षों के लिए किसके हाथों में होगी। हालांकि फाल्टा सीट पर 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान के कारण पूर्ण तस्वीर 24 मई तक ही साफ हो पाएगी, लेकिन आज होने वाली काउंटिंग मुख्य रूप से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और चुनौती पेश कर रही भारतीय जनता पार्टी के बीच वर्चस्व की जंग का फैसला कर देगी। 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने जिस तरह पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता बचाई थी, क्या इस बार भी वैसा ही करिश्मा दोहराया जाएगा? सत्ता के इस महासंग्राम में आज का दिन बंगाल की नई राजनीतिक दिशा तय करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्यों खास है 2026 बंगाल चुनाव

यह चुनाव अब सिर्फ इस बात का फैसला नहीं है कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी और नबान्न कौन पहुंचेगा, बल्कि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य का सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट बन गया है। 15 साल के लंबे शासन के बाद यह मुकाबला एक जनमत संग्रह जैसा है, जो तय करेगा कि क्या ममता बनर्जी आज भी बंगाल की निर्विवाद नेता हैं। अगर वह चौथी बार जीत हासिल करती हैं, तो 2029 के आम चुनाव में वह भाजपा के खिलाफ विपक्ष का सबसे ताकतवर चेहरा बन जाएंगी। हालांकि, इस बार उनकी राह में भ्रष्टाचार के आरोप, भर्ती घोटाले और जनता की नाराजगी जैसी बड़ी बाधाएं हैं, जो भाजपा के लिए सत्ता का रास्ता खोल सकती हैं।


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