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अगरतला: त्रिपुरा में Inner Line Permit (ILP) लागू करने की मांग को लेकर TIPRA Motha विधायक रंजीत देबबर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है। विधायक के मुताबिक, उन्होंने 26 जुलाई 2026 को अमित शाह को पत्र लिखकर त्रिपुरा में ILP व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री की ओर से उनके पत्र का जवाब भी मिला है। रंजीत देबबर्मा ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी त्रिपुरा में ILP लागू करने की मांग को लेकर पत्र लिखा था और उस समय भी गृह मंत्री की ओर से जवाब मिला था। उनका कहना है कि राज्य में ILP को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
विधायक ने त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति और बांग्लादेश के साथ उसकी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में बाहर से आने-जाने वाले लोगों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा बाहर से आने वाले कुछ लोगों को पकड़े जाने के मामले भी सामने आते हैं। उनके मुताबिक, ILP लागू होने से राज्य में प्रवेश और आवागमन की निगरानी के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था विकसित हो सकती है। रंजीत देबबर्मा पहले भी अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। मई 2026 में उन्होंने केंद्र सरकार के सामने ILP के साथ NRC और अन्य उपायों की मांग भी रखी थी।
क्या है Inner Line Permit?
Inner Line Permit यानी ILP एक आधिकारिक अनुमति व्यवस्था है, जिसके तहत कुछ राज्यों में बाहरी राज्यों के नागरिकों के प्रवेश और निर्धारित अवधि तक रहने को नियंत्रित किया जाता है। वर्तमान में यह व्यवस्था कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में लागू है। त्रिपुरा में इसे लागू करने की मांग को लेकर TIPRA Motha के नेता लगातार अपनी बात रखते रहे हैं। रंजीत देबबर्मा ने कहा कि त्रिपुरा में ILP लागू होने से बाहरी लोगों के आवागमन की निगरानी को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल उनके पत्र और इस मांग पर केंद्र सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, इस पर नजर बनी हुई है।
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