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तीन पार्षदों ने कब्जाई सरकारी भूमि, धर्मशाला नगर निगम का वाकया

Shantanu Roy
1 July 2026 4:33 PM IST
तीन पार्षदों ने कब्जाई सरकारी भूमि, धर्मशाला नगर निगम का वाकया
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धर्मशाला। धर्मशाला नगर निगम के भाजपा समर्थित नव निर्वाचित तीन पार्षदों के खिलाफ शपथ ग्रहण के बाद अचानक अवैध कब्जों का मामला सामने आया है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त कांगड़ा ने सरकार से बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। डीसी कार्यालय से जारी हुई इस विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद इन तीनों पार्षदों की सदस्यता छिनने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे नगर निगम की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिकायतकर्ताओं के आधार पर हुई प्रशासनिक जांच में इन पार्षदों के खिलाफ पुख्ता प्रमाण मिले हैं। वार्ड नंबर 2 (भाग्सूनाग) के पार्षद शमशेर सिंह नेहरिया के खिलाफ स्थानीय निवासी चुनी लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर एसडीएम धर्मशाला की जांच में यह खुलासा हुआ है कि होटल मोरेनिक हिल के पास वन विभाग की सरकारी भूमि (गैर मुमकिन नाला) पर कंकरीट का स्लैब डालकर एक अवैध पार्किंग स्पेस बनाया गया है। गवाहों के बयानों के अनुसार यह निर्माण पार्षद शमशेर सिंह और उनके भाई विशाल सिंह द्वारा किया गया है।
वहीं, वार्ड नंबर 15 (खनियारा) के पार्षद प्रवीन कुमार पर चुनाव हलफनामे में अहम जानकारी छिपाने का आरोप है। शिकायतकर्ता राकेश कुमार की अर्जी पर राजस्व विभाग ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके मुताबिक सरकारी भूमि पर रोशन लाल नामक व्यक्ति ने अवैध मकान बनाया था। चूंकि पार्षद प्रवीन कुमार उनके पोते और कानूनी वारिस हैं, इसलिए वह इस अतिक्रमण के सीधे लाभार्थी की श्रेणी में आते हैं। तीसरा मामला वार्ड नंबर 17 (सिद्धपुर) के पार्षद विशाल जम्वाल का है, जिनकी शिकायत सुरेश कुमार ने की थी। जांच में सामने आया है कि सरकारी भूमि पर बनी एक दुकान में पार्षद के नाम पर साल 2003 से बिजली का मीटर चल रहा था। चुनावी सरगर्मी के बीच खुद को बचाने के लिए 16 अप्रैल, 2026 को इस मीटर का नाम ट्रांसफर किया गया। दस्तावेजों की जांच में दुकान का असली मालिकाना हक पार्षद का ही पाया गया है।
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