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जिला के तहत बहने वाली खड्ड व नदियों में नहीं है प्रॉपर व्यवस्था

Shantanu Roy
25 Sept 2025 5:42 PM IST
जिला के तहत बहने वाली खड्ड व नदियों में नहीं है प्रॉपर व्यवस्था
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Hamirpur. हमीरपुर। बरसात में तबाही मचाने वाली खड्डों का हमीरपुर में प्रॉपर चैनेलाइजेशन नहीं हो पाया है। मात्र जलशक्ति विभाग की पेयजल स्कीमों को प्रोटेक्ट करने के लिए ही कुछ सीमा में तटीकरण का प्रावधान है, ताकि खड्डों के तेज बहाव से आईपीएच की योजनाओं को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। वहीं चैंथ खड्ड व सुनेहल खड्ड पर नाबार्ड से करोड़ों की राशि से तटीकरण तो किया गया है लेकिन कुछ हिस्सा ही सुरक्षित हो पाया है। खड्ड के साथ लगती प्रॉपर्टी को बचाने के लिए यह काम हुआ है। हमीरपुर जिला में बहने वाली बड़ी खड्डों में चेनेलाइजेशन का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इनमें कुणाह खड्ड, मानखड्ड, सीर खड्ड, चैंथ खड्ड, पुंग खड्ड, ब्यास नदी शामिल है। इसके साथ ही जंगलेहड़, मेहली आदि खड्डे भी बरसात में तबाही मचा रही है। तबाही का एक मुख्य कारण अवैध खनन भी सामने आया है। देखा गया है कि अवैध खनन की वजह से नदी, खड्डों का बहाव ही डायवर्ट हो गया है। इस बरसात कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब डायवर्ट हुए बहाव ने साथ लगते क्षेत्र को प्रभावित
किया है।

यदि बात सुजानपुर के तहत बहने वाली जंगलेहड़ खड्ड की करें, तो इसमें हुए अवैध खनन ने इसका बहाव ही बदल दिया था। बरसात में उफान पर आई यह खड्ड अपने निर्धारित रूट से दूसरी तरफ डायवर्ट हो गई तथा बिजली बोर्ड के डबल पोल स्ट्रक्चर को गिरा दिया। इस वजह से बिजली बोर्ड को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा था। संबंधित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति कुछ दिनों तक बाधित रही, जिस वजह से बड़े क्षेत्र की आबादी प्रभावित हुई थी। बता दें कि हमीरपुर जिला में खड्डों के चेनेलाइजेशन की योजनाएं बनती रही हैं। कई जगहों पर खड्डों के किनारे भूमि को सुरक्षित करने के लिए तटीकरण किया भी गया है लेकिन पूरी खड्ड के बेहतर चैनेलाइजेशन का कोई प्रबंध नहीं है। कुणाह खड्ड, मानखड्ड का सीना मौका मिलते ही दिन रात छलनी करने का काम किया जाता रहा है। बरसात से पहले बकारटी क्षेत्र में रात के समय लोगों ने खुद ही ट्रेक्टर व लोगों को खड्ड में अवैध खनन करते हुए पकड़ा था। जिला में खनन विभाग के पास कार्रवाई करने के लिए अपनी गाड़ी तक नहीं है। काफी लंबे समय के बाद स्थाई खनन अधिकारी हमीरपुर जिला को हाल ही में मिला है। महिला अधिकारी की तैनाती यहां पर की गई है लेकिन उन्हें जिला की भूगौलिक परिस्थिति को समझने में कुछ समय लग जाएगा।
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