
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पर अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ता लेंगे। उन्होंने कहा, "मेरा भाजपा से वैचारिक विरोध है, इसलिए उसे छोड़कर किसी भी दल से गठबंधन के लिए प्रदेश इकाई जो भी फैसला लेगी, वह मुझे मंजूर होगा।" चंद्रशेखर के इस बयान को सपा और कांग्रेस जैसे दलों के लिए एक सीधे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। कहा कि संभल, जौनपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में हुई हत्या व दुराचार की घटनाओं का जिक्र किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'हर चौराहे पर यमराज' वाले बयान पर तंज कसते हुए चंद्रशेखर ने कहा, "प्रदेश के मुखिया कहते हैं कि यमराज खड़े हैं, लेकिन जब अपराधी भाजपा से जुड़े होते हैं तो यमराज छुट्टी पर चले जाते हैं।" जनसभा को लेकर सोशल मीडिया पर मिली धमकियों और रास्ते में गाड़ी पर हुए पथराव का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने और उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "शायद उन्हें पता नहीं कि मेरा नाम चंद्रशेखर 'रावण' है, मैं डरने वाला नहीं हूं। बाबा साहब के संविधान की शक्ति ही है कि मैं आज आपके बीच पहुंच सका हूं।"





