पूर्व विधायक के समधी के घर हुई करोड़ों की चोरी का खुलासा, पुलिस ने डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल किया बरामद

Gwalior ग्वालियर | ग्वालियरमें पूर्व विधायक के समधी के घर हुई चर्चित चोरी की वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। लंबे समय से जांच में जुटी पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने जमीन के नीचे गाड़कर छिपाया गया सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। अब तक की कार्रवाई में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चोरी का माल जब्त किया जा चुका है।
यह मामला शहर के इंदरगंज क्षेत्र का है, जहां अजय मित्तल के सूने घर को निशाना बनाकर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। घर में कोई मौजूद नहीं होने का फायदा उठाकर बदमाशों ने ताला तोड़ा और बड़ी मात्रा में सोना, चांदी तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान शातिर चोर फरमान खान और विवेक प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की और कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं।
शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम आरोपितों को लेकर पनिहार क्षेत्र के जंगलों में पहुंची थी, जहां से करीब 12 लाख रुपये कीमत की चांदी बरामद की गई थी। लेकिन पुलिस को शक था कि चोरी का पूरा माल अभी बरामद नहीं हुआ है। इसके बाद आरोपितों से लगातार पूछताछ की गई और उनसे मिले नए सुरागों के आधार पर पुलिस ने दोबारा तलाशी अभियान चलाया।
ताजा कार्रवाई में पुलिस पनिहार टोल प्लाजा के आगे एक दरगाह के सामने स्थित क्षेत्र में पहुंची। आरोपितों की निशानदेही पर जमीन की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली और जमीन के नीचे दबाकर रखा गया सोना-चांदी बरामद हुआ। बरामद सामान में ठोस सोने के टुकड़े, सोने की चूड़ियां और बड़ी मात्रा में चांदी शामिल है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में करीब 200 ग्राम सोने का टुकड़ा, 50 ग्राम सोने की चूड़ियां और लगभग 12 किलो 500 ग्राम चांदी बरामद की गई है। इसके अलावा आरोपितों के कब्जे से एक आई-20 कार भी जब्त की गई है। जांच में सामने आया है कि चोरी से मिले पैसों का उपयोग आरोपित ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में करते थे और इसी रकम से कार भी खरीदी गई थी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी के बाद सामान को तुरंत बेचने के बजाय अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। इसी योजना के तहत चोरी का माल जंगल क्षेत्र में जमीन के नीचे गाड़ दिया गया था।
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। अब तक आकाश माहौर, सुनार विजय सोनी और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को संदेह है कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य भी इस वारदात में शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस दो किलो चांदी की ईंट, पायल, सोने की चेन और दो सोने की अंगूठियां भी बरामद कर चुकी थी। उन बरामद वस्तुओं की कीमत लगभग 94 लाख रुपये से अधिक आंकी गई थी। ताजा बरामदगी के बाद कुल बरामद माल की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।





