भारत

महीने भर बाद भी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सियां खाली

Shantanu Roy
2 July 2026 4:15 PM IST
महीने भर बाद भी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सियां खाली
x
Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव संपन्न हुए एक महीना बीत चुका है। 31 मई को नतीजे घोषित होने के बाद जिला परिषदों को नया नेतृत्व मिल जाना चाहिए था, लेकिन प्रदेश के नौ जिलों में अब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है। बदले हुए नियमों के चलते पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि जिला परिषदों की शीर्ष कुर्सियां लंबे समय तक खाली हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 251 जिला परिषद सदस्य निर्वाचित होकर आए हैं, जिनमें 128 महिलाएं शामिल हैं। पंचायत चुनाव 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में हुए थे, जबकि 31 मई को परिणाम घोषित कर दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक केवल किन्नौर, बिलासपुर और सिरमौर में ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का
चुनाव हो सका है।


बाकी नौ जिलों में अभी तक ताजपोशी का इंतजार बना हुआ है। पहले पंचायतीराज नियमों के तहत शपथ ग्रहण के सात दिन के भीतर पहली बैठक बुलाना अनिवार्य था और अधिकतम तीन बैठकों के भीतर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव पूरा कर लिया जाता था। यदि लगातार तीन बैठकों में कोई सदस्य अनुपस्थित रहता था, तो उसकी सदस्यता तक समाप्त करने का प्रावधान था। इससे पूरी प्रक्रिया तय समय में पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 85 और 86 में संशोधन के बाद यह समयसीमा समाप्त कर दी गई है। अब पहली, दूसरी या तीसरी बैठक के लिए कोई निर्धारित समय नहीं है। प्रशासन और परिस्थितियों के अनुसार किसी भी समय बैठक बुलाकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जा सकता है। वहां भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज की है।
Next Story