एनकाउंटर चल रही थी भाग खड़े हुए पुलिस इंस्पेक्टर, लाइन हाजिर की कार्रवाई

यूपी। मेरठ के कलेक्शन एजेंट से 84 हजार रुपये की लूट करने वाले बदमाशों की घेराबंदी में मुठभेड़ के दौरान पीठ दिखाकर भागे इंस्पेक्टर भावनपुर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। भीड़ को देखते ही इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ भाग खड़े हुए थे। इसके बाद भी एक कांस्टेबल ने बदमाश को नहीं छोड़ा। भीड़ ने कांस्टेबल के साथ धक्कामुक्की की। वहीं एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी संजय द्विवेदी और फलावदा थाने के दरोगा योगेश गिरी को सस्पेंड कर दिया। दोनों पुलिसकर्मियों पर हत्या के प्रयास के मामले में विवेचना के दौरान लापरवाही और आर्थिक लाभ लेने के आरोप हैं। एसपी सिटी को दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
सात अगस्त को भावनपुर पुलिस ने पंचगांव पट्टी-स्याल मार्ग पर तीन बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से 82 हजार की लूट की थी। किनानगर के पास हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने बदमाश प्रिंस निवासी भटीपुरा किठौर और उसके साथी अभिषेक निवासी अम्बहेड़ा साहनी किठौर, आकाश निवासी भटीपुरा और एक बाल अपचारी की घेराबंदी की। पुलिस के पीछा करने पर बदमाशों की बाइक फिसल गई। उसके बाद तीन बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया। प्रिंस का पीछा करते हुए पुलिस कुछ दूर आगे तक निकल गई। प्रिंस ने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में गोली प्रिंस के पैर में लगी। फायरिंग की आवाज सुन ग्रामीणों की भीड़ लग गई। भीड़ को देखते ही इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह टीम के साथ मौके से भाग निकले, जबकि लुटेरा प्रिंस मौके पर पड़ा रहा। एक सिपाही ने साहस दिखाते हुए बदमाश को नहीं छोड़ा।एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने कहा कि थाना प्रभारी भावनपुर कुलदीप सिंह को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच बैठाई गई है।
उधर, एसएसपी ने रविवार रात किठौर से अपराध निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को कोतवाली थाने की कमान सौंपी। वहीं अपराध शाखा इंस्पेक्टर विजय कुमार राय को परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी बनाया। कोतवाली एसओ योगेन्द्र कुमार को भावनपुर थाने की कमान सौंपी गई है।





