कांग्रेस नेता का न्यूड पोस्टर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ही लगाया, बलात्कारी हमे स्वीकार नहीं

बाड़मेर। राजस्थान के सीमांत जिले की कांग्रेस की राजनीति इन दिनों उबाल पर है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन की घर वापसी ने पार्टी के भीतर तूफ़ान खड़ा कर दिया है। जैन के कांग्रेस में शामिल होने से पहले ही विरोधियों ने शहर में जगह-जगह आपत्तिजनक पोस्टर लगाकर अपनी नाराज़गी जाहिर कर दी। पोस्टरों में जिला कांग्रेस का नाम तक लिखते हुए जैन की एंट्री का खुलेआम विरोध किया गया, जिसने संगठन की अपणायत पर ही सवाल खड़े कर दिए।
जैन की वापसी को लेकर कद्दावर नेता हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी गुट का विरोध अब बेअसर साबित होता दिख रहा है। जानकार मानते हैं कि यह घटनाक्रम चौधहराट की राजनीति की बड़ी हार है। हरीश चौधरी के लिए यह समय 'करो या मरो' जैसा माना जा रहा है। उनका राजनीतिक 'ओरा' कमजोर पड़ता दिख रहा है और अगर हालात नहीं संभाले गए तो उनकी पकड़ ढीली होना तय है। दूसरी ओर, जैन की वापसी से उनके विरोधियों को ताकत मिली है और वे सियासी समीकरण बदलने का दावा कर रहे हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि पोस्टरबाज़ी से कांग्रेस की छवि और ज्यादा धूमिल हुई है। जनता इस तरह के हथकंडों को पहले ही नकार चुकी है। लिहाज़ा विरोधियों को इससे कोई खास लाभ मिलने वाला नहीं है। कुल मिलाकर, बाड़मेर कांग्रेस आने वाले दिनों में पटाखों की तरह गूंजेगी। पार्टी के भीतर खींचतान और तेज़ होगी, जबकि बाहर इसकी गूंज राज्य की राजनीति तक सुनाई देगी।





