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Gagret. गगरेट। बरसात के मौसम में संभावित आपदा से बचाव को लेकर जिला प्रशासन भले ही सभी विभागों को समय रहते नालों और खड्डों की सफाई के निर्देश दे चुका है, लेकिन उद्योग विभाग पर इन निर्देशों का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा। पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान कई उद्योगों में तबाही का कारण बने गगरेट औद्योगिक क्षेत्र के बरसाती नाले की अब तक सफाई नहीं करवाई गई है। ऐसे में उद्योगपतियों को आशंका है कि कहीं विभाग फिर से किसी बड़ी आपदा का इंतजार तो नहीं कर रहा। गगरेट औद्योगिक क्षेत्र के बीच से गुजरने वाला बरसाती नाला हर साल उद्योगों के लिए परेशानी का सबब बनता रहा है।
गत वर्ष समय पर गाद नहीं हटाए जाने के कारण नाले का पानी पलटकर कई उद्योगों में घुस गया था, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। इस घटना से सबक लेने के बजाय उद्योग विभाग का इस बार भी बरसात से पहले नाले की सफाई को लेकर गंभीरता न दिखाना विभागीय शिथिलता को उजागर कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जिला उद्योग केंद्र द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित इकाइयों से इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट फंड के तहत चार रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क भी वसूला जाता है। इसके बावजूद उद्योगों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर समय रहते खर्च न होना उद्योगपतियों की समझ से परे है। उद्योगपतियों ने विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ उपायुक्त जतिन लाल से भी हस्तक्षेप की मांग की है।
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