
x
Shimla. शिमला। प्रदेश में मौसम ने सेब बागबानों की मुश्किलें जरूर बढ़ाईं, लेकिन बाजार ने उनके नुकसान की भरपाई कर दी है। उत्पादन घटने के कारण मंडियों में सेब की आवक भी कम हुई है, लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की देशभर में जबरदस्त मांग के चलते बागबानों को रिकॉर्ड दाम मिल रहे हैं। यही वजह है कि कम पैदावार के बावजूद बागबानों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही है। हिमाचल प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार तीन अगस्त तक प्रदेश और बाहरी राज्यों की विभिन्न मंडियों में 15 लाख 45 हजार 596 पेटियां सेब पहुंचा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक यह आंकड़ा 40 लाख 70 हजार 172 पेटियां था। यानी इस बार अब तक 25 लाख 24 हजार 576 पेटियां कम मंडियों में पहुंची हैं।
यह गिरावट साफ तौर पर मौसम की मार को दर्शाती है, लेकिन कम आवक के कारण बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बागबानों के पक्ष में चला गया है। रॉयल डिलीशियस 3700 रुपए प्रति पेटी तक, स्पर 3000 रुपए, गाला 2700 रुपए और रेड गोल्डन 1600 रुपए प्रति पेटी तक बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अच्छी रंगत, बेहतर आकार और गुणवत्तापूर्ण सेब को लेकर बाजार में जबरदस्त मांग बनी हुई है। मार्केटिंग बोर्ड के अनुसार तीन अगस्त तक शिमला एवं किन्नौर एपीएमसी के अंतर्गत सबसे अधिक दस लाख 17 हजार 220 पेटियां मंडियों में पहुंची हैं। इसके बाद मंडी एपीएमसी में दो लाख 22 हजार 408, कुल्लू-लाहुल स्पीति में एक लाख 64 हजार 52 तथा सोलन एपीएमसी में एक लाख 26 हजार 646 पेटियां पहुंची हैं।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdatesHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





