
दिल्ली। चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा, इसलिए सलाह दी जाती है कि जरूरी धार्मिक कार्य सुबह ही पूरे कर लिए जाएं. मंदिर में पूजा-अर्चना, जप-ध्यान जैसे काम सूतक लगने से पहले करना उचित माना गया है. 7 सितंबर को पूर्णिमा का श्राद्ध भी पड़ रहा है, ऐसे में पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान सुबह ही संपन्न कर लेना चाहिए. तुलसी के पत्ते भी पहले ही तोड़कर सुरक्षित रख लें ताकि उन्हें भोजन या जल में प्रयोग किया जा सके.
आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. ये चंद्र ग्रहण दो कारणों से महत्वपूर्ण होगा. एक तो चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान होगा, जिसका सूतक काल 9 घंटे पहले ही लग जाएगा. दूसरा, चंद्र ग्रहण पर आज भाद्रपद पूर्णिमा और पितृ पक्ष की भी शुरुआत हो रही है. ज्योतिषविद के मुताबिक, इस चंद्र ग्रहण का विश्व राजनीति पर नकारात्मकता प्रभाव देखने को मिल सकता है. किसी विशेष राजनेता को बहुत सारी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है. गुरु के नक्षत्र में ग्रहण जाएगा तो प्रशासन से जुड़ी चीजों में बहुत दिक्कतें आएंगी.
आज चंद्रग्रहण पर भाद्रपद पूर्णिमा का भी संयोग बनने जा रहा है. माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. यह चंद्र ग्रहण भारत में दर्शनीय हैं तो इसलिए आज सूतक काल शुरू होने से पहले ही भाद्रपद पूर्णिमा के विशेष अनुष्ठान स्नान-दान निपटा लें.





