
x
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यालय को नए साल में शिमला से स्थानांतरित कर अब धर्मशाला में स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इस फैसले का सबसे बड़ा कारण प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना और प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा सहित निचले हिमाचल के लोगों को उनके घर-द्वार के नजदीक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नए साल में इस नए कार्यालय के खुलने से ओबीसी समुदाय को सबसे बड़ी राहत यात्रा और समय के मामले में मिलेगी। अब तक कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चंबा जैसे जिलों के लोगों को अपने जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं, आरक्षण के मुद्दों या अन्य विभागीय कार्यों के लिए लंबी दूरी तय कर शिमला जाना पड़ता था। अब धर्मशाला में मुख्यालय होने से यह दूरी कम हो जाएगी और लोगों के पैसे और समय दोनों की बचत होगी। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी यह कदम बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।
शिमला में वर्तमान में कई सरकारी कार्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं और शहर पर जनसंख्या का दबाव बहुत अधिक है। धर्मशाला में पर्याप्त सरकारी बुनियादी ढांचा उपलब्ध होने के कारण कार्यालय को यहां शिफ्ट किया गया है, जिससे सरकारी खर्च में भी कमी आएगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की उपस्थिति से जनता की शिकायतों का निपटारा अब पहले से कहीं अधिक तेज़ी और कुशलता से हो सकेगा। वन्य जीव विंग और एचपीटीडीसी जैसे अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यालयों के साथ-साथ ओबीसी आयोग का यहां आना यह दर्शाता है कि सरकार प्रशासन को जनता के करीब लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे ओबीसी वर्ग के युवाओं और आम नागरिकों को सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं और लाभों से जुडऩे में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों आयोग के चेयरमैन का जिम्मा भी जिला कांगड़ा के जवाली निवासी सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी प्रभात चौधरी को दिया गया है।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi News
Next Story





