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DRDO की जानकारी ISI को दे रहा था गेस्ट हाउस का मैनेजर, गिरफ्तार

Nilmani Pal
13 Aug 2025 9:44 AM IST
DRDO की जानकारी ISI को दे रहा था गेस्ट हाउस का मैनेजर, गिरफ्तार
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जैसलमेर। जैसलमेर के चांदन फील्ड फायरिंग रेंज के पास स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के गेस्ट हाउस में तैनात मैनेजर को राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। इस सनसनीखेज मामले में आरोपी पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है। 32 साल का महेंद्र प्रसाद, मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के पल्युन गांव का रहने वाला है। DRDO गेस्ट हाउस में मैनेजर के तौर पर काम करने वाला यह शख्स कथित तौर पर भारत की गोपनीय और रणनीतिक जानकारी सीमा पार पाकिस्तान भेज रहा था। ये डीआरडीओ के गेस्ट हाउस में कॉन्ट्रैक्ट पर था। उसका यह खेल तब पकड़ा गया, जब राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने अपनी निगरानी तेज की।

स्वतंत्रता दिवस के राज्य-स्तरीय समारोहों से पहले राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने संभावित राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कमर कस रखी थी। सीआईडी (सुरक्षा) के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जांच में महेंद्र प्रसाद की करतूत सामने आई। यह खुलासा हुआ कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से संपर्क में था।

महेंद्र प्रसाद कथित तौर पर DRDO के वैज्ञानिकों और भारतीय सेना के अधिकारियों की गतिविधियों की संवेदनशील जानकारी अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेज रहा था। चांदन फील्ड फायरिंग रेंज, जहां मिसाइलों और हथियारों का परीक्षण होता है, वहां आने-जाने वाले अधिकारियों की हर गतिविधि पर उसकी नजर थी। इस जानकारी को वह पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था, जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।

जयपुर के सेंट्रल इंटररोगेशन सेंटर में विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से महेंद्र से पूछताछ की। उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच ने सनसनीखेज खुलासा किया। यह पुष्टि हुई कि वह DRDO और भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी एजेंट्स के साथ साझा कर रहा था। इस सबूत के आधार पर, 12 अगस्त को उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया। महेंद्र प्रसाद को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसे आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। सीआईडी इंटेलिजेंस इस मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि जासूसी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

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