भारत

हिमाचल में कैंसर का बढ़ता खतरा

Shantanu Roy
8 Nov 2026 6:51 PM IST
हिमाचल में कैंसर का बढ़ता खतरा
x
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में हर साल कैंसर के लगभग 10,000 नए मामले सामने आ रहे हैं और कैंसर से होने वाली मौतों की दर 9.5 प्रतिशत है, जो 7.7 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। यह शब्द राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार डॉ. नरेश पुरोहित ने कहे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में इन मामलों में काफी तेजी आई है। डा. पुरोहित ने ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए राज्य में कैंसर के बढ़ते बोझ पर ङ्क्षचता जताई। उन्होंने कहा कि यहां शुरुआती जांच,
कैंसर के इलाज
(ऑन्कोलॉजी) की विशेष सुविधाओं और जन जागरूकता के स्तर में भारी कमी है। दुनिया भर में कैंसर के लगभग 70 प्रतिशत मामलों का पता शुरुआती चरण में ही लग जाता है, लेकिन भारत जैसे देश में कैंसर के प्रति जागरूकता बहुत कम होने से अधिकतर मामलों का पता एडवांस्ड स्टेज में लगता है। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी, बीमारी का पता चलने में देरी और रोकथाम की कोई व्यवस्थित रणनीति न होने के कारण, अकसर मरीजों (खासकर चंबा, किन्नौर और लाहुल-स्पीति जैसे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वालों) में बीमारी का पता तब चलता है, जब वह काफी आगे बढ़ चुकी होती है। ‘एसोसिएशन ऑफ स्टडीज इन कैंसर केयर’ के मुख्य अन्वेषक डा. पुरोहित ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। इनमें दूरदराज के इलाकों में मोबाइल स्क्रीङ्क्षनग वैन भेजना, स्कूली पाठ्यक्रम में कैंसर से जुड़ी शिक्षा को शामिल करना और कैंसर से उबर चुके लोगों को अपने अनुभव खुलकर साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।
Next Story