भारत
सरकार ने तय किया लक्ष्य, प्रदेश को हरित राज्य बनाने पर फोकस
Shantanu Roy
21 April 2025 3:47 PM IST

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Shimla. शिमला। प्रदेश में इस साल सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर फोकस किया जाएगा। साल के अंत तक लगभग 72 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। सरकार के पावर कारपोरेशन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जो तेजी के साथ इस पर काम कर रहा है। प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने ऊना जिला में दो परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू किया है। इनमें से 12 मेगावाट क्षमता की एक परियोजना गोंदपुर बुल्ला और 11 मेगावाट क्षमता की परियोजना लमलाहड़ी उपरली में स्थित है। सोलन जिला में तीन परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनमें नालागढ़ के सनेड में 13 मेगावाट, बड़ा बरोट में आठ मेगावाट और दभोटा माजरा में 13 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं शामिल हैं।
नौ मेगावाट की दभोटा-वन परियोजना के लिए शीघ्र ही निविदा जारी की जाएगी और इसका निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा ऊना जिला के टीहरा खास में छह मेगावाट की सौर परियोजना के लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । वर्तमान में 325 मेगावाट संयुक्त क्षमता की आठ अतिरिक्त परियोजनाओं के लिए सर्वे किया जा रहा है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी होने के बाद इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वर्तमान सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास को अधिमान देते हुए वर्ष 2026 तक हिमाचल को देश के पहले हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। ऊना में पेखुवेला से उत्पादन किया जा रहा है, तो वहीं ऊना जिले के भंजाल में पांच मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य 30 नवंबर, 2024 सेे शुरू हो गया है और अघलौर में 10 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना तैयार है।
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